ट्रंप: ईरान की परमाणु सीमा रेड लाइन
ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप: 5वें महीने में पहुंचा युद्ध, रूस-चीन को दी चेतावनी, कहा— ‘न्यूक्लियर हथियार रेड लाइन’
विशेष अंतरराष्ट्रीय एवं कूटनीतिक ब्यूरो: वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष और संभावित सैन्य कार्रवाइयों को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप अपने वरिष्ठ सलाहकारों के साथ ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंचता है, तो वह उनके लिए अंतिम सीमा (Red Line) होगी।
चीन और रूस को ट्रंप की सख्त हिदायत
ट्रंप ने ईरान के साथ सैन्य-व्यापार को लेकर वैश्विक शक्तियों को आगाह किया है:
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हथियार न देने का वादा: ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनसे व्यक्तिगत रूप से वादा किया है कि वे ईरान को किसी भी प्रकार के सैन्य हथियार नहीं सौंपेंगे।
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भरोसे का जिक्र: ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि आप जानते हैं कि मुझे उन पर भरोसा है। मुझे नहीं लगता कि वे मुझे निराश करना चाहेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि बीजिंग और मॉस्को ने ईरान को हथियार बेचे, तो यह उनके अपने दूरगामी हितों के विपरीत और बहुत नुकसानदेह साबित होगा।
5वें महीने में पहुंचा युद्ध: मिडटर्म चुनावों पर भी असर
जो युद्ध शुरुआत में महज 4 से 5 सप्ताह चलने का अनुमान लगाया जा रहा था, वह अब खींचकर 5वें महीने में प्रवेश कर चुका है:
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राजनीतिक दबाव: युद्ध के लंबा खींचने के कारण आगामी नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म (मध्यवधि) चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी की रेटिंग और लोकप्रियता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता दिख रहा है।
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रेड लाइन का निर्धारण: ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्हें फिलहाल उस सटीक ‘टिपिंग पॉइंट’ का अंदाजा नहीं है जहां से अंतिम फैसला लिया जाएगा, लेकिन ईरान का परमाणु क्षमता हासिल करने के करीब पहुंचना ही सैन्य कार्रवाई का सबसे बड़ा कारण बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय एवं कूटनीतिक ब्यूरो: वॉशिंगटन / नई दिल्ली
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क

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