टोल अब कैशलेस, नकद दिया तो वापसी
NHAI का बड़ा फैसला: आज से टोल पर कैश बंद, केवल फास्टैग या UPI चलेगा
अगर आप आज यानी शुक्रवार, 10 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करने जा रहे हैं, तो अपनी जेब के बजाय अपने डिजिटल वॉलेट पर ध्यान दें। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजा को पूरी तरह कैशलेस करने का ऐतिहासिक निर्णय लागू कर दिया है। अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान (Cash) स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिना डिजिटल भुगतान के नो-एंट्री
NHAI के नए नियमों के अनुसार, जाम की समस्या को खत्म करने और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
-
भुगतान के विकल्प: अब टोल टैक्स केवल FASTag या UPI के जरिए ही भरा जा सकेगा।
-
वापसी की चेतावनी: यदि किसी वाहन चालक के पास फास्टैग में बैलेंस नहीं है और वह UPI से भी भुगतान करने में असमर्थ है, तो उसे टोल प्लाजा से वापस लौटा दिया जाएगा। उसे आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

फरीदपुर टोल पर नई दरें (1 अप्रैल से प्रभावी)
बरेली-लखनऊ मार्ग पर स्थित फरीदपुर टोल प्लाजा पर यात्रा अब महंगी हो चुकी है। नई दरें इस प्रकार हैं:
| वाहन का प्रकार | एकल यात्रा (₹) | वापसी (₹) |
| कार, जीप, वैन | 140 | 210 |
| हल्के व्यावसायिक वाहन | 225 | 340 |
| बस और ट्रक | 475 | 710 |
| मल्टी-एक्सल वाहन | 745 | 1,115 |
-
स्थानीय पास: 20 किमी के दायरे वाले स्थानीय पास धारकों के लिए शुल्क अब 360 रुपये हो गया है।
-
नोट: बरेली-पीलीभीत मार्ग के लभेड़ा (रिठौरा) टोल पर फिलहाल पुरानी दरें ही लागू हैं।
आम आदमी पर दोहरी मार: रोडवेज किराया बढ़ा
टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। रोडवेज बसों के किराये में 1 से 3 रुपये तक की वृद्धि कर दी गई है, जिससे आम यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है।
डिजिटल इंडिया को मजबूती
NHAI के परियोजना निदेशक के अनुसार, 10 अप्रैल से लागू यह व्यवस्था ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को मजबूती देगी। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और ईंधन की बचत होगी।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

