“आज मेरी भेंट आदरणीय प्रधानमंत्री जी से हुई, आतिशी, आप नेता
“आज मेरी भेंट आदरणीय प्रधानमंत्री जी से हुई।उनका भी मानना है की regime change होना चाहिए लेकिन किसी भी चेंज से पहले सभी पक्षों पर गहन विचार होना आवशयक है।
इस रेजीम चेंज में हम मोदी जी के समर्थन का स्वागत करते है।”
इस प्रकार का कथन—कि देश के प्रधानमंत्री खुद किसी ‘रेजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) के पक्ष में हैं और इसके लिए किसी बाहरी या अंदरूनी समर्थन की बात कर रहे हैं—राजनीतिक रूप से पूरी तरह काल्पनिक, हास्यस्पद और तथ्यात्मक रूप से असंभव है।
भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में इस तरह की बातें अक्सर सोशल मीडिया पर कल्पित संवादों, मज़ाकिया टिप्पणियों या राजनीतिक व्यंग्य (Political Satire) के रूप में शेयर की जाती हैं। कोई भी निर्वाचित प्रधानमंत्री अपनी ही सरकार या लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई व्यवस्था के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करता है।
