लक्ष्मी नगर में अवैध होटलों का काला कारोबार: MCD और पुलिस की साठगांठ से बिना Fire NOC तंग गलियों में चल रहे दर्जनों OYO होटल, ‘ऑल राइट्स मैगजीन’ का बड़ा खुलासा
“दिल्ली के लक्ष्मी नगर में अवैध होटलों का खुला खेल: MCD और पुलिस की सांठगांठ से अग्निकांड के मुहाने पर खड़े रिहाइशी इलाके”
विशेष जांच रिपोर्ट: प्रशासनिक भ्रष्टाचार व जनसुरक्षा (ऑल राइट्स मैगजीन)
नई दिल्ली (पूर्वी दिल्ली): राजधानी दिल्ली का पूर्वी इलाका लक्ष्मी नगर और शकरपुर इन दिनों अवैध होटलों और OYO नेटवर्क का एक बड़ा गढ़ बन चुका है। ‘ऑल राइट्स मैगजीन’ की विशेष संपादकीय टीम द्वारा की गई गहन पड़ताल में बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (B&B) योजना का लाइसेंस लेकर रिहाइशी मकानों की तंग गलियों में दर्जनों कमरों के अवैध होटल धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) नियमों और MCD के बाई-लॉज की धज्जियां उड़ा रहे हैं।



1. स्टिंग और पड़ताल: MCD कमिश्नर का बड़ा खुलासा
जब ‘ऑल राइट्स मैगजीन’ के प्रबंध संपादकीय दल ने इस पूरे मामले में MCD अधिकारियों और पुलिस की निष्क्रियता पर पड़ताल की और MCD कार्यालय का रुख किया, तो वहां प्रशासनिक तंत्र की बदहाली का सच सामने आया:
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प्रशासनिक लाचारी और पुलिस की मिलीभगत: MCD कमिश्नर कार्यालय से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि जब भी निगम के प्रवर्तन अधिकारी अवैध होटलों पर सीलिंग या कार्रवाई करने जाते हैं, तो स्थानीय पुलिस बल उन्हें सुरक्षा देने के नाम पर घंटों थाने या चौकी में बैठाए रखता है।
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अग्रिम सूचना और साठगांठ: इस अनावश्यक देरी का फायदा उठाकर संबंधित पुलिसकर्मी उन होटल मालिकों को पहले ही सतर्क (Alert) कर देते हैं, जिनसे कथित रूप से अवैध संरक्षण और मासिक वसूली की जाती है। इस प्रकार, कानून व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसी खुद अवैध कारोबार को संरक्षण देने में जुटी है।
2. नियमों की गंभीर अनदेखी: ‘अग्निकांड’ को खुला निमंत्रण
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तंग गलियों में होटल: लक्ष्मी नगर, जवाहर पार्क, शकरपुर और गुरु रामदास नगर की तंग गलियों में ये होटल चल रहे हैं, जहां आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड (अग्नि शमन गाड़ी) का पहुँचना पूरी तरह असंभव है।
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फायर NOC का अभाव: अधिकांश होटलों के पास दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) की NOC नहीं है। एंट्रेंस/प्रवेश द्वार की चौड़ाई, इमरजेंसी एग्जिट और लिफ्ट सुरक्षा मानक पूरी तरह दरकिनार किए गए हैं।
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लाइसेंस का दुरुपयोग: केवल 3 से 4 कमरों के होम-स्टे/B&B लाइसेंस की आड़ में पूरी इमारत में 15 से 20 अवैध कमरे बनाए गए हैं।
3. जांच के दौरान सामने आए लक्ष्मी नगर-शकरपुर क्षेत्र के प्रमुख होटल
संपादकीय टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और विज़ुअल्स के आधार पर निम्नलिखित होटल/गेस्ट हाउस सुरक्षा मानकों और लाइसेंस नियमों के संदिग्ध उल्लंघन में पाए गए हैं:
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Four Seasons Inn (G-52A, Metro Pillar No. 42, Laxmi Nagar / Near Walia Nursing Home)
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Hotel Green Palace (R-36, Vikas Marg, Shakarpur, Near Metro Pillar No. 46-47)
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Solitaire Hotel (E-32, Jawahar Park, Laxmi Nagar, Vikas Marg, Opp. Metro Pillar No. 37)
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Hotel Twamev (G-69, Near Laxmi Nagar Market / Walia Nursing Home)
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Anvit Residency (E-32, Jawahar Park, Laxmi Nagar)
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JPS Residency (E-54, Vikas Marg, Metro Pillar No. 44, Laxmi Nagar)
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Hotel Good Living (G-70, G-Block, Near Vijay Chowk, Pillar No. 39, Laxmi Nagar)
4. ‘ऑल राइट्स मैगजीन’ का सीधा सवाल
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यदि इन संकरी गलियों में कोई बड़ा अग्निकांड या अप्रिय घटना घटती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा—MCD, दिल्ली पुलिस या उपराज्यपाल प्रशासन?
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‘Zero Tolerance’ का दावा करने वाली पुलिस प्रणाली के अंतर्गत थाना स्तर पर यह साठगांठ किसकी शह पर फल-फूल रही है?
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ इस मामले को उच्च अधिकारियों, उपराज्यपाल कार्यालय (LG Office) और दिल्ली अग्निशमन विभाग के समक्ष उठाकर जनता की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है।
