गुजरात से शुरू हुआ PM Modi का जनसेवा का संकल्प, आज पूरे देश की विकास यात्रा बन चुका है।
गुजरात से शुरू हुआ PM Modi का जनसेवा का संकल्प, आज पूरे देश की विकास यात्रा बन चुका है।
CM के सफर से शुरू हुई पहलें, PM के रूप में श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशभर तक पहुंचाईं और करोड़ों लोगों के जीवन को बदला।
गुजरात की विकास गाथा से निकला संकल्प, आज राष्ट्रसेवा की शक्ति है।
गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के शासन और सार्वजनिक सेवा के सफर को लेकर देश में अलग-अलग राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण देखने को मिलते हैं:
समर्थकों और सरकार का दृष्टिकोण: समर्थकों का मानना है कि गुजरात मॉडल—विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल शासन (Digital Governance), उद्योगों को बढ़ावा देने और कल्याणकारी योजनाओं (जैसे स्वच्छता अभियान, पीएम-किसान, उज्ज्वला, और आयुष्मान भारत)—को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करके देश में व्यापक बदलाव लाया गया है। 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुए उनके संवैधानिक नेतृत्व (गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने) को वे निरंतरता, निर्णय लेने की क्षमता और राष्ट्र सेवा के संकल्प के रूप में देखते हैं।
विपक्ष और आलोचकों का दृष्टिकोण: विरोधी दलों और आलोचकों का तर्क है कि गुजरात मॉडल और राष्ट्रीय स्तर की नीतियों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुँचा है। वे आर्थिक विषमता, बेरोजगारी, संस्थागत स्वायत्तता पर दबाव और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के दावों और नीतियों की आलोचना करते हैं। उनका मानना है कि वास्तविक विकास के लिए जमीनी स्तर पर समावेशी नीतियां और अधिक पारदर्शी कदम आवश्यक हैं।
