31 दिसंबर को आएगी नई वोटर लिस्ट

बरेली मतदाता सूची में बड़ा उलटफेर: 7 लाख से अधिक नाम कटे, 1.15 लाख मृतकों के नाम भी सूची से बाहर

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मतदाता सूची के ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान के पूरा होते ही चुनावी आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शुद्धिकरण की इस प्रक्रिया के तहत जिले के 7,16,156 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। अब 31 दिसंबर को नई अनंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।


अभियान का लेखा-जोखा: 34 लाख में से 26.89 लाख ही ‘वैध’

4 नवंबर से शुरू हुआ यह अभियान शुक्रवार शाम 4 बजे संपन्न हुआ। जिले के कुल 34,05,064 मतदाताओं में से केवल 26,89,684 (78.97%) मतदाताओं के गणना प्रपत्र ही डिजिटाइज हो सके। बाकी 21.03 प्रतिशत मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में खरे नहीं उतरे, जिसके कारण उन्हें सूची से बाहर कर दिया गया है।

प्रमुख आंकड़े: क्यों कटे नाम?

एसआइआर (SIR) की गहन जांच के दौरान भारी विसंगतियां पाई गईं:

  • मृतक मतदाता: 1,15,182 ऐसे नाम मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

  • शिफ्टेड मतदाता: 2,92,000 से अधिक मतदाता अपने पते से शिफ्ट हो चुके हैं।

  • डिजिटाइजेशन: करीब 7.16 लाख मतदाताओं का मिलान या डिजिटाइजेशन नहीं हो सका।


विधानसभा वार स्थिति: सदर और कैंट में सबसे बड़ी छंटनी

आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक नाम काटे गए हैं। बरेली सदर विधानसभा क्षेत्र से सबसे ज्यादा 1.65 लाख और कैंट विधानसभा से 1.34 लाख मतदाता सूची से बाहर हुए हैं।

अन्य विधानसभा क्षेत्रों का हाल:

  • बहेड़ी: 56,149 नाम कटे।

  • मीरगंज: 47,562 नाम बाहर।

  • भोजीपुरा: 65,107 नाम कटे।

  • नवाबगंज: 48,879 नाम बाहर।

  • फरीदपुर: 69,495 नाम कटे।

  • बिथरी चैनपुर: 77,651 नाम बाहर।

  • आंवला: 47,932 नाम बाहर।


अब आगे क्या? ये तारीखें हैं महत्वपूर्ण

प्रशासन अब नई संशोधित सूची जारी करने की तैयारी में है। यदि किसी वैध मतदाता का नाम गलती से कट गया है, तो उनके पास अभी भी सुधार का मौका है:

  • 31 दिसंबर: अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

  • 31 दिसंबर – 21 फरवरी: दावों और आपत्तियों की अवधि।

  • 25 फरवरी: प्राप्त दावों की जांच।

  • 28 फरवरी: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

प्रशासनिक मुस्तैदी

इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए तहसील, ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षकों और शिक्षामित्रों की फौज लगाई गई थी। प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी चुनावों से पहले एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके।


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