शिक्षक दिवस: UP की ज्ञान परंपरा के वाहकों को नमन
उत्तर प्रदेश की ज्ञान परंपरा को समृद्ध कर रहे शिक्षकों को ‘शिक्षक दिवस’ की हार्दिक बधाई: नई पीढ़ी को दिशा देने में गुरुओं का योगदान अतुलनीय
लखनऊ: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की समृद्ध ज्ञान, अध्यात्म और विद्या की विशिष्ट परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुँचाने वाले समस्त गुरुजनों, आचार्यों और शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं। राज्य की इस पावन भूमि ने सनातन काल से ही दुनिया को ज्ञान, दर्शन और शिक्षा की दिशा दिखाई है, और आज के आधुनिक दौर में प्रदेश के शिक्षक उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का अनूठा संगम उत्तर प्रदेश की भूमि महर्षि वाल्मीकि, वेदव्यास, कबीर, तुलसी और संत कबीर जैसे महान विचारकों की कर्मस्थली रही है।
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नई पीढ़ी का मार्गदर्शन: प्रदेश के शिक्षक न केवल छात्रों को किताबी और तकनीकी ज्ञान से सशक्त बना रहे हैं, बल्कि उन्हें भारत की सांस्कृतिक जड़ों, नैतिक मूल्यों और उच्च आदर्शों से भी जोड़ रहे हैं।
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तकनीकी व आधुनिक स्वरूप: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत राज्य भर के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।
राष्ट्र और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि शिक्षक दिवस पर यह संकल्प दोहराया गया है कि राज्य में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और गुरुजनों के सम्मान की रक्षा के लिए प्रशासनिक व सामाजिक स्तर पर निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। प्रदेश के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक निष्ठापूर्वक शिक्षा की अलख जगा रहे सभी शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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