देश में ईंधन व उर्वरक की आपूर्ति सामान्य

पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद भारत में ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य: केंद्र सरकार

रिपोर्ट: सोनू कुमार

(नई दिल्ली): पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव और संघर्ष के बीच भारत के ऊर्जा और कृषि क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वैश्विक संकट के बावजूद देश में कच्चे तेल (Crude Oil), एलपीजी (LPG) और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और सुचारू बनी हुई है।

देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध

नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अपर सचिव प्रवीण खन्नूजा ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की:

  • भंडारण की कोई कमी नहीं: अपर सचिव ने बताया कि देश के भीतर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए आम जनता को घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।

  • सरकार के अग्रिम कदम: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनैतिक तनाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति (Uninterrupted Supply) मिलती रहे और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत रहे, इसके लिए सरकार ने समय रहते कई ठोस और रणनीतिक कदम उठाए हैं।

संकट काल से पहले की तुलना में उत्पादन में 60% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

प्रेस वार्ता में घरेलू उत्पादन के जो आंकड़े पेश किए गए, वे भारत की मजबूत होती रिफाइनिंग क्षमता को दर्शाते हैं:

  • रिकॉर्ड उत्पादन: आंकड़ों के मुताबिक, देश की विभिन्न तेल रिफाइनरियों और गैस प्रसंस्करण इकाइयों (Gas Processing Units) में कल लगभग 53 हजार मीट्रिक टन ईंधन का उत्पादन दर्ज किया गया।

  • क्षमता में भारी इजाफा: यह दैनिक उत्पादन का स्तर, पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने से पहले के सामान्य स्तर की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक है, जो देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।

खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों का भी पर्याप्त स्टॉक: रसायन मंत्रालय

ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ सरकार ने देश के अन्नदाताओं (किसानों) को भी खरीफ सीजन के बीच खाद की उपलब्धता को लेकर आश्वस्त किया है। प्रेस वार्ता में मौजूद रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अपर सचिव अपर्णा शर्मा ने देश में उर्वरकों (Fertilizers) की स्थिति स्पष्ट की:

  • उर्वरक की कमी नहीं: अपर्णा शर्मा ने कहा कि देश में यूरिया और अन्य आवश्यक उर्वरकों का भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और इसकी कोई जमाखोरी या किल्लत नहीं होने दी जाएगी।

  • 380 लाख मीट्रिक टन की जरूरत का अनुमान: सुश्री शर्मा ने बताया कि इस वर्ष के चालू खरीफ सीजन के लिए कृषि और किसान कल्याण विभाग ने देश भर में कुल 380 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों की आवश्यकता का अनुमान लगाया है।

  • किसानों ने की रिकॉर्ड खरीदारी: सरकार की सुचारू वितरण प्रणाली के चलते देश के किसान अब तक लगभग 86 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की सफलतापूर्वक खरीदारी भी कर चुके हैं, जिससे बुआई कार्यों में तेजी आ रही है।

सरकार के इन दावों और उत्पादन के मजबूत आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर गति से आगे बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट: उमेश कुमार,

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)

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