शेखपुरा डीएम की साप्ताहिक सोमवारीय बैठक

बिहार: शेखपुरा डीएम की सोमवारीय बैठक; लंबित कार्यों पर सख्ती, 1 हफ्ते में जमीन चिह्नित करने और 1 लाख वसूली का टारगेट

(शेखपुरा, बिहार): जिले में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित व समयबद्ध समाधान को लेकर जिला पदाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इसी सिलसिले में आज समाहरणालय स्थित ‘मंथन सभागार’ में साप्ताहिक सोमवारीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में डीएम ने सभी विभागों के कामकाज की बिंदुवार गहन समीक्षा की और ढिलाई बरतने वाले पदाधिकारियों को कड़े लहजे में सख्त निर्देश जारी किए।

1 हफ्ते के भीतर प्रस्तावित भवनों के लिए जमीन चिह्नित करने का आदेश

बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों के लंबित भवन निर्माण योजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा की गई:

  • अंचलाधिकारियों को अल्टीमेटम: जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी अंचलाधिकारियों (CO) को कड़ा निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित भवन निर्माण से जुड़ी जमीनों की पहचान (चिह्नित करने का कार्य) एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरी कर लें।

  • प्राथमिकता पर सौंपें रिपोर्ट: डीएम ने साफ किया कि जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने के इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Priority) पर रखा जाए, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके।

नीलाम पत्र में तेजी; हर पदाधिकारी को 1 लाख राजस्व वसूली का टारगेट

सरकारी राजस्व की क्षति रोकने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए वित्तीय मोर्चे पर भी कड़े फैसले लिए गए:

  • लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिला नीलामपत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सर्टिफिकेट केस और नीलाम पत्र की कानूनी कार्यवाही में तेजी लाएं।

  • मासिक लक्ष्य निर्धारित: डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए हर संबंधित पदाधिकारी को प्रति माह कम से कम एक लाख रुपये की राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का अनिवार्य लक्ष्य (टारगेट) थमा दिया है।

जन शिकायतों और कोर्ट केसों पर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लेती-देती या देरी बर्दाश्त नहीं होगी:

  • पोर्टल के लंबित आवेदन तुरंत निपटाएं: ‘जनसमाधान पोर्टल’ और ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का अविलंब निपटारा करने के निर्देश दिए गए।

  • प्रमाणपत्रों में न हो देरी: आम छात्रों और नागरिकों से जुड़े जाति, आय तथा ओबीसी (OBC) प्रमाणपत्रों की फाइलों की तुरंत जांच कर ससमय जारी करने को कहा गया। साथ ही, बिजली उपभोक्ताओं की लंबित शिकायतों को भी तत्काल दूर करने का आदेश मिला।

  • शीर्ष प्राथमिकता वाले मामले: आयुक्त कार्यालय, मुख्यमंत्री सचिवालय परिवाद और उच्च न्यायालय (High Court) से जुड़े CWJC व MJC मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका विधिक निस्तारण करने का निर्देश दिया गया।

जल-जीवन-हरियाली, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर

बैठक के अंतिम सत्र में जनकल्याणकारी और बुनियादी ढांचों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई:

  • आंगनवाड़ी केंद्रों की सुध: जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, चालू शौचालय का निर्माण और जर्जर भवनों की मरम्मत कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई।

  • जल संचयन पर फोकस: ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के तहत पारंपरिक आहर-पइन, पुराने कुओं के जीर्णोद्धार (पुनरुद्धार) और जल स्तर को सुधारने के लिए नए चेकडैम बनाकर जल संचयन की क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।

इस महत्वपूर्ण साप्ताहिक बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता (ADM), उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), डीसीएलआर (DCLR) सहित जिले के सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे।


रिपोर्ट: उमेश कुमार,

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)

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