बिहार संग्रहालय में समर कैंप शुरू

बिहार संग्रहालय में पहली बार समर कैंप शुरू, मिट्टी-शब्द-मुखौटे से होगी बच्चों की दोस्ती

(पटना): राजधानी पटना स्थित बिहार संग्रहालय (Bihar Museum) ने बच्चों के कौशल और रचनात्मकता को निखारने के लिए अपने पहले ‘समर कैंप-2026’ की शुरुआत की है. मंगलवार को बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर इस विशेष ग्रीष्मकालीन शिविर का विधिवत उद्घाटन किया. इस अनूठे कैंप के माध्यम से बच्चों को टेराकोटा कला, मुखौटा निर्माण और कहानी लेखन की तीन अलग-अलग विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

दिग्गज और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सिखा रहे हैं कला

बच्चों को इन विधाओं में पारंगत करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है:

  • टेराकोटा कला: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कलाकार पिंटू प्रसाद बच्चों को मिट्टी की कलाकृतियां बनाना सिखा रहे हैं. उनके साथ इस कार्य में राज्य पुरस्कार प्राप्त रूपेश कुमार और पटना आर्ट कॉलेज के दो छात्र भी सहयोग दे रहे हैं [cite: अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि पिंटू प्रसाद के साथ राज्य पुरस्कार प्राप्त रूपेश कुमार और पटना आर्ट कॉलेज के दो छात्र भी सहयोग कर रहे हैं।].

  • कहानी लेखन: प्रसिद्ध रंगकर्मी ध्रुव कुमार बच्चों को शब्दों को पिरोना और कहानी लेखन की बारीकियां सिखा रहे हैं [cite: 1. प्रशिक्षक: टेराकोटा कला राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त पिंटू प्रसाद, कहानी लेखन रंगकर्मी ध्रुव कुमार और मुखौटा निर्माण स्वर्ण पदक प्राप्त हेमंत कुमार सिखा रहे हैं।].

  • मुखौटा निर्माण: स्वर्ण पदक विजेता हेमंत कुमार बच्चों को आकर्षक मुखौटे बनाने का हुनर सिखा रहे हैं [cite: 1. प्रशिक्षक: टेराकोटा कला राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त पिंटू प्रसाद, कहानी लेखन रंगकर्मी ध्रुव कुमार और मुखौटा निर्माण स्वर्ण पदक प्राप्त हेमंत कुमार सिखा रहे हैं।].

दो श्रेणियों में प्रशिक्षण, पूरी तरह है ‘मुफ्त’

इस समर कैंप को बच्चों की उम्र और कक्षा के आधार पर दो अलग-अलग सत्रों (बैच) में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक श्रेणी में 50 बच्चों का चयन किया गया है [cite: 2. दो श्रेणी: कक्षा 5-8 तक के बच्चों का समय सुबह 11 से 1:30 बजे और कक्षा 9-12 तक के बच्चों का दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक। प्रत्येक श्रेणी में 50 बच्चे।]:

  • कक्षा 5 से 8वीं तक: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक [cite: 2. दो श्रेणी: कक्षा 5-8 तक के बच्चों का समय सुबह 11 से 1:30 बजे और कक्षा 9-12 तक के बच्चों का दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक। प्रत्येक श्रेणी में 50 बच्चे।].

  • कक्षा 9 से 12वीं तक: दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक [cite: 2. दो श्रेणी: कक्षा 5-8 तक के बच्चों का समय सुबह 11 से 1:30 बजे और कक्षा 9-12 तक के बच्चों का दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक। प्रत्येक श्रेणी में 50 बच्चे।].

खास बात: 7 जून तक चलने वाला यह समर कैंप बच्चों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क है. प्रशिक्षण के साथ-साथ लगने वाली सभी सामग्रियां और बच्चों के लिए नाश्ते-पानी की व्यवस्था भी संग्रहालय प्रबंधन की ओर से मुफ्त की गई है.

अलग-अलग परिसरों में हो रही हैं कक्षाएं

प्रशिक्षण को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो अलग-अलग स्थानों का चयन किया गया है [cite: 4. जगह: टेराकोटा और कहानी लेखन का प्रशिक्षण बिहार संग्रहालय में, जबकि मुखौटा निर्माण का प्रशिक्षण पटना संग्रहालय में हो रहा है।]. टेराकोटा और कहानी लेखन की कक्षाएं बिहार संग्रहालय परिसर में आयोजित हो रही हैं, जबकि मुखौटा निर्माण का विशेष प्रशिक्षण पटना संग्रहालय (Patna Museum) में दिया जा रहा है [cite: 4. जगह: टेराकोटा और कहानी लेखन का प्रशिक्षण बिहार संग्रहालय में, जबकि मुखौटा निर्माण का प्रशिक्षण पटना संग्रहालय में हो रहा है।].

“मिट्टी और शब्दों से हो जाएगी बच्चों की दोस्ती”

उद्घाटन के दौरान बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि बिहार संग्रहालय ने हमेशा से बच्चों की कलात्मक अभिरुचि का विशेष ख्याल रखा है. यहां की चिल्ड्रेन गैलरी में बच्चों को कलाकृतियों को केवल देखने ही नहीं, बल्कि उन्हें छूने और महसूस करने की भी पूरी आजादी है. उन्होंने कहा, “भले ही सात दिनों के इस छोटे से सफर में ये बच्चे पूरी तरह दक्ष कलाकार न बन पाएं, लेकिन मिट्टी, कला और शब्दों से उनकी एक अटूट दोस्ती जरूर हो जाएगी [cite: भले ही सात दिन में वे दक्ष कलाकार न बनें, लेकिन मिट्टी और शब्दों से उनकी दोस्ती जरूर हो जाएगी।”].”

इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर पद्मश्री सुधा वर्गीज, बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा, प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत, उप-निदेशक मौमिता घोष और पूर्व प्राचार्य अजय कुमार पाण्डेय सहित कला और साहित्य जगत के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे उद्घाटन मौके पर पद्मश्री सुधा वर्गीज, प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत, उप-निदेशक मौमिता घोष, पूर्व प्राचार्य अजय कुमार पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद थे।


रिपोर्ट: सुनील कुमार (पटना)

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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