बिहार में मुहर्रम पर सख्त गाइडलाइंस
बिहार में मुहर्रम को लेकर हाई अलर्ट: बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस, DJ और भड़काऊ गानों पर पूर्ण बैन; मुख्य सचिव और DGP का सख्त फरमान
पटना (बिहार):
आगामी 26 जून को संभावित मुहर्रम पर्व को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गई है। सोमवार शाम को राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (DGP) की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय (High-Level) समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को जोड़कर कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
🚫 मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के 4 बड़े और कड़े आदेश
बैठक के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत देते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर सख्ती से काम करने को कहा है:
1. 100% लाइसेंस अनिवार्य
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बिना परमिशन नो जुलूस: मुख्य सचिव ने दो टूक कहा है कि राज्य के किसी भी जिले में कोई भी मुहर्रम जुलूस बिना पूर्व प्रशासनिक लाइसेंस के नहीं निकाला जाएगा।
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मार्गों पर नजर: विशेष रूप से उन मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी जो गैर-पारंपरिक हैं या जहां से पहले कभी जुलूस नहीं गुजरा है।
2. शांति समितियों को सक्रिय करना
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स्थानीय स्तर पर बैठकें: संवेदनशील थानों और अनुमंडलों (Sub-divisions) में तत्काल प्रभाव से शांति समितियों की बैठकें बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
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असामाजिक तत्वों पर नजर: स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समिति के सदस्यों की मदद से क्षेत्र के संदिग्ध व असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन पर पहले से शिकंजा कसा जाएगा।
3. DJ और भड़काऊ गानों पर पूर्ण प्रतिबंध
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लाइसेंस की शर्त: मुहर्रम जुलूस के लिए जारी होने वाले लाइसेंस में यह मुख्य शर्त जोड़ी गई है कि जुलूस के दौरान DJ का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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भड़काऊ नारेबाजी पर रोक: किसी भी तरह की सांप्रदायिक नारेबाजी, उत्तेजक भाषणों या माहौल बिगाड़ने वाले भड़काऊ गानों को बजाने पर पूर्ण रोक रहेगी।
4. लाउडस्पीकर की डेसिबल सीमा तय
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कानूनी कार्रवाई: जुलूस या आयोजन स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर के लिए निर्धारित डेसिबल (ध्वनि) सीमा तय की गई है। इसका उल्लंघन करने या रात के प्रतिबंधित समय पर लाउडस्पीकर बजाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
👮 डीजीपी के 5 अचूक सुरक्षा निर्देश
राज्य के पुलिस मुखिया (DGP) ने पुलिस कप्तानों को फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार करने के लिए ५ बड़े निर्देश दिए हैं:
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हॉटस्पॉट्स में सघन गश्त: थानावार चिन्हित किए गए सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों और विवादास्पद मार्गों पर पुलिस की विशेष २४ घंटे गश्ती (Patrolling) की जाएगी।
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24/7 साइबर निगरानी: सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने के लिए साइबर सेल को एक्टिव कर दिया गया है। धर्म, जाति या समुदाय के बीच घृणा या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज होगी।
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उपद्रवियों की तुरंत गिरफ्तारी: शांति व्यवस्था भंग करने की नीयत रखने वाले शरारती तत्वों को चिन्हित कर तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर गैर-जमानती धाराओं के तहत जेल भेजा जाएगा।
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हथियार और विवादित झांकी पर रोक: जुलूस में किसी भी प्रकार की विवादास्पद या आपत्तिजनक झांकी व व्यंग्य चित्रों के प्रदर्शन पर बैन रहेगा। इसके साथ ही, तय दायरे से बाहर घातक, धारदार या गैर-कानूनी हथियारों के खुले प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी आयोजकों से सुरक्षा बंधपत्र (Security Bond) भरवाना अनिवार्य होगा।
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धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: राज्य के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी धर्म के स्थल को नुकसान पहुंचाने या अपवित्र करने की चेष्टा करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
🤝 सरकार की आम जनता से अपील
बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मुहर्रम के इस पर्व को पूरी तरह पारंपरिक, शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे व सौहार्द के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित करें।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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