बिहार: फाइल लटकाने वाले अफसरों की खैर नहीं
बिहार: “फाइल लटकाने वाले अफसरों की खैर नहीं” — नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा का सख्त अल्टीमेटम; पेंडेंसी और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
पटना (बिहार):
बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में बेहद कड़े और सख्त तेवर दिखाए हैं। आरोप एवं निगरानी प्रकोष्ठ तथा नगरपालिका प्रशासन के कामकाज की बारीकी से समीक्षा करते हुए मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में “जवाबदेही तय और गुणवत्ता सुनिश्चित” की जाएगी। उन्होंने दागी अधिकारियों और फाइलों को बेवजह दबाकर रखने वाले अफसरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत काम करने का अल्टीमेटम जारी किया है।
📢 मंत्री नीतीश मिश्रा के 5 बड़े और कड़े ऐलान
विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मंत्री ने पांच महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
1. दागी अफसरों और कर्मियों पर गिरेगी गाज
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त्वरित कार्रवाई: मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गंभीर प्रकृति के आरोपों और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को जल्द से जल्द चिन्हित किया जाए और उनके खिलाफ नियमानुसार त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी।
2. फाइल पेंडेंसी पर होगी विभागीय कार्रवाई
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फाइलें दबाने का दौर खत्म: लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी जताते हुए श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि दफ्तरों में फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी बिल्कुल नहीं रहनी चाहिए। जिन अफसरों के पास तय समय से अधिक दिनों तक फाइलें लंबित मिलेंगी, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
3. SQM (स्टेट क्वालिटी मॉनिटर) से होगी योजनाओं की स्वतंत्र जांच
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गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: नगर निगम क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) प्रोजेक्ट्स की पारदर्शिता जांचने के लिए स्टेट क्वालिटी मॉनिटर (SQM) प्रणाली का सहारा लिया जाएगा। इसके जरिए स्वतंत्र रूप से निर्माण कार्यों के मानकों की जांच होगी, जिससे जवाबदेही तय की जा सके।
4. आपदा से निपटने के लिए हाईटेक होंगे सभी नगर निगम
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संसाधनों की कमी नहीं होगी: आगामी मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक नगर निगम को अत्याधुनिक मशीनों और पर्याप्त तकनीकी संसाधनों से लैस किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
5. शहरों में DRR (आपदा जोखिम न्यूनीकरण) प्लान होगा मजबूत
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शहरी क्षेत्रों की सुरक्षा: शहरी इलाकों को सुरक्षित बनाने के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) को अनिवार्य करने की बात कही गई। इसके तहत जल-जमाव व बाढ़ प्रबंधन, नालों की नियमित गाद सफाई (डीसिल्टिंग), भवन निर्माण नियमावली (बाय-लॉज) का कड़ाई से अनुपालन, फायर सेफ्टी उपाय, आपदा पूर्व चेतावनी सिस्टम और वार्ड स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
🎯 शहरों को आपदा-प्रतिरोधी बनाना मुख्य विजन
बैठक के समापन पर अपने विजन को साझा करते हुए नगर विकास मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा:
“इन कड़े उपायों और योजनाओं के धरातल पर उतरने से न सिर्फ संभावित आपदाओं का असर कम होगा, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। हमारा लक्ष्य बिहार के सभी शहरों को अधिक सुरक्षित, सक्षम और आपदा-प्रतिरोधी (Disaster-Resilient) बनाना है।”
मंत्री के इस कड़े रुख के बाद विभागीय गलियारों और नगर निकायों के अधिकारियों में हड़कंप का माहौल है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस अल्टीमेटम के बाद शहरी विकास की फाइलों को गति मिलेगी।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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