Stranger Things: क्या कहानी वाकई सच है?

नेटफ्लिक्स की सुपरहिट सीरीज ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ (Stranger Things) को देखते समय अक्सर यह सवाल मन में उठता है कि क्या ‘अपसाइड डाउन’ (Upside Down) की दुनिया और इलेवन (Eleven) की शक्तियां महज कल्पना हैं? सच तो यह है कि इस फिक्शन के पीछे CIA के गुप्त प्रोजेक्ट्स, माइंड कंट्रोल एक्सपेरिमेंट और षड्यंत्रों (Conspiracy Theories) का एक ऐसा काला इतिहास छिपा है, जो सीरीज से भी ज्यादा डरावना है।

यहाँ जानिए वे 3 मुख्य कारण, जो साबित करते हैं कि हॉकिन्स की कहानी असल जिंदगी के अंधेरे से प्रेरित है:


1. प्रोजेक्ट MKUltra: CIA का डरावना सच

सीरीज में हॉकिन्स लैब के भीतर बच्चों पर होने वाले प्रयोग पूरी तरह काल्पनिक नहीं हैं। इनका आधार प्रोजेक्ट MKUltra है, जो 1953 में CIA द्वारा शुरू किया गया एक वास्तविक माइंड कंट्रोल प्रोग्राम था।

  • सच्चाई: कोल्ड वॉर के दौरान, अमेरिका ने LSD जैसी ड्रग्स, इलेक्ट्रोशॉक थेरेपी और ‘सेंसरी डिप्रिवेशन’ (Sensory Deprivation) का इस्तेमाल इंसानी दिमाग को वश में करने के लिए किया था।

  • सीरीज से कनेक्शन: शो में इलेवन की मां, टेरी आइव्स, इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा दिखाई गई हैं। असल जिंदगी में भी कई अनजाने लोगों और बच्चों पर ऐसे प्रयोग किए गए थे, जिनका रिकॉर्ड 1973 में सबूत मिटाने के लिए नष्ट कर दिया गया था।

2. ‘मोंटॉक प्रोजेक्ट’: जहाँ से कहानी शुरू हुई

क्या आप जानते हैं कि ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ का शुरुआती नाम ‘मोंटॉक’ (Montauk) रखा गया था?

  • षड्यंत्र: न्यूयॉर्क के मोंटॉक में स्थित ‘कैंप हीरो’ (Camp Hero) के बारे में कई अफवाहें थीं कि वहां सरकार गुप्त रूप से समय यात्रा (Time Travel), टेलीपैथी और बच्चों के अपहरण पर रिसर्च कर रही है।

  • प्रेरणा: डफर ब्रदर्स ने अपनी कहानी को पहले मोंटॉक में ही सेट करने का सोचा था। बाद में लोकेशन बदलकर ‘हॉकिन्स’ कर दी गई, लेकिन ‘डेमोगोर्गन’ जैसे मॉन्स्टर्स और बच्चों की साइकिक शक्तियों का आइडिया इसी मोंटॉक प्रोजेक्ट की थ्योरी से आया।

3. 1980 का दशक और ‘सैटनिक पैनिक’

सीरीज के चौथे सीजन में हम देखते हैं कि कैसे पूरे शहर में ‘हेलफायर क्लब’ और शैतानी ताकतों को लेकर डर (Satanic Panic) फैल जाता है।

  • वास्तविकता: 1980 के दशक में अमेरिका में वाकई यह डर फैला था कि ‘डंगन्स एंड ड्रैगन्स’ (D&D) जैसे गेम्स और रॉक म्यूजिक बच्चों को शैतान की पूजा की ओर धकेल रहे हैं। एड्डी मुनसन (Eddie Munson) का किरदार इसी सामाजिक डर की एक झलक है।


निष्कर्ष: फिक्शन या हकीकत?

‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ भले ही अलौकिक शक्तियों और राक्षसों की कहानी है, लेकिन इसके पीछे की मानवीय क्रूरता, सरकारी गोपनीयता और मासूमियत का शोषण पूरी तरह ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। हॉकिन्स भले ही मैप पर न हो, लेकिन वहां दिखाई गई प्रयोगशालाओं की गूँज इतिहास के पन्नों में आज भी दर्ज है।


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