सोनू त्यागी ने बॉलीवुड, सेलिब्रिटी मैनेजमेंट, विज्ञापन, बिजनेस और अध्यात्म पर की खुलकर बात, द सनी शाह शो का एपिसोड रिलीज
अप्रोच एंटरटेनमेंट और गो स्पिरिचुअल के संस्थापक ने गाजियाबाद के गांव से मुंबई तक के सफर, फिल्म इंडस्ट्री की चुनौतियों, बदलते ओटीटी कंटेंट, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जीवन पर साझा किए अपने अनुभव
मुंबई: जाने-माने लेखक, निर्देशक, निर्माता और अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप एवं गो स्पिरिचुअल के संस्थापक सोनू त्यागी ने द सनी शाह शो के नए एपिसोड में बॉलीवुड, सेलिब्रिटी मैनेजमेंट, विज्ञापन, पब्लिक रिलेशंस, बिजनेस, उद्यमिता और अध्यात्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं। बिजनेसमैन और लीडरशिप के क्षेत्र में सक्रिय सनी शाह के साथ उनका यह वीडियो पॉडकास्ट अब यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है। इस बातचीत में सोनू त्यागी ने अपने करियर, मनोरंजन जगत के अनुभवों, जीवन के मूल्यों और अध्यात्म के प्रति अपने लगाव के बारे में खुलकर बात की।
बातचीत के दौरान सोनू त्यागी ने बताया कि उनका बचपन गाजियाबाद के एक गांव में बीता। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है। बचपन से ही उन्हें लोगों के व्यवहार, मनोविज्ञान, लेखन और अध्यात्म में रुचि थी। उन्होंने मनोविज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद विज्ञापन प्रबंधन, पत्रकारिता और फिल्म निर्माण की पढ़ाई भी की। उनका मानना है कि जीवन में कितनी भी सफलता मिल जाए, इंसान को सादगी, ईमानदारी और अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।
पूरा एपिसोड यहां देखें:
https://www.youtube.com/watch?v=UhT6E3jvvzc
अपने बिजनेस के सफर के बारे में सोनू त्यागी ने बताया कि उन्होंने विज्ञापन एजेंसियों में कॉपीराइटिंग और क्लाइंट सर्विसिंग का काम करने के बाद महज 24 साल की उम्र में दिल्ली में अप्रोच कम्युनिकेशंस की शुरुआत की थी। मनोविज्ञान की पढ़ाई से उन्हें लोगों की सोच और व्यवहार को समझने में मदद मिली। पब्लिक रिलेशंस के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को देखते हुए उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की। इसके बाद वह मुंबई आए और अपने काम को बॉलीवुड, सेलिब्रिटी मैनेजमेंट, फिल्म निर्माण, विज्ञापन और मीडिया तक बढ़ाया।

पॉडकास्ट में बॉलीवुड और सेलिब्रिटी मैनेजमेंट पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सोनू त्यागी ने बताया कि वह शुरू से ही लेखक और निर्देशक बनना चाहते थे, लेकिन बिना बड़े बजट और आर्थिक सहयोग के फिल्म इंडस्ट्री में काम शुरू करना आसान नहीं था। ऐसे में सेलिब्रिटी मैनेजमेंट ने उन्हें मनोरंजन जगत में आगे बढ़ने का रास्ता दिया। इसके जरिए उन्हें कलाकारों के साथ काम करने, विज्ञापन अभियानों, ब्रांड एंडोर्समेंट, कार्यक्रमों और फिल्मों से जुड़े काम का अनुभव मिला। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में एक सेलिब्रिटी विज्ञापन अभियान उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ और इससे अप्रोच एंटरटेनमेंट को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

भारतीय सिनेमा में आए बदलावों पर बात करते हुए सोनू त्यागी ने पुरानी बॉलीवुड फिल्मों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुरानी फिल्मों की कहानियां, किरदार और भावनाएं आज भी लोगों के दिलों को छूती हैं। वहीं, उन्होंने कुछ ओटीटी वेब सीरीज में अपराध, हिंसा और अश्लील दृश्यों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि फिल्मकारों को समाज और इंसानी रिश्तों से जुड़ी अच्छी कहानियों पर भी काम करना चाहिए। उन्होंने अपनी आने वाली व्यंग्यात्मक हिंदी कॉमेडी फिल्म कैंप डिसेंट के बारे में भी बताया, जिसमें वह क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं। यह फिल्म हास्य और व्यंग्य के जरिए समाज के कई मुद्दों को उठाती है।

बातचीत में सोनू त्यागी ने अपनी आध्यात्मिक फिल्म और वेब सीरीज टू ग्रेट मास्टर्स के बारे में भी बताया, जिसके वह क्रिएटर और सह-निर्माता हैं। यह प्रोजेक्ट भारत के दो महान आध्यात्मिक गुरुओं की शिक्षाओं पर आधारित एक पुस्तक से प्रेरित है। इसका उद्देश्य आज की पीढ़ी तक अध्यात्म और जीवन से जुड़ी अच्छी बातें पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि फिल्मों और रचनात्मक अभियानों के जरिए लोगों को ध्यान, अध्यात्म और मानसिक शांति के प्रति जागरूक किया जा सकता है।

पॉडकास्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गो स्पिरिचुअल के काम पर केंद्रित रहा। सोनू त्यागी ने वर्ष 2017 में गो स्पिरिचुअल की स्थापना की थी। यह संस्था अध्यात्म, आध्यात्मिक जागरूकता, समाज सेवा, मानसिक स्वास्थ्य, वेलनेस, आयुर्वेद, ऑर्गेनिक जीवनशैली, आध्यात्मिक पर्यटन, मीडिया और कार्यक्रमों के क्षेत्र में काम करती है।
गो स्पिरिचुअल की गतिविधियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, स्कूलों में कार्यक्रम, मनोवैज्ञानिकों के साथ बातचीत, शाकाहार को बढ़ावा देना, पशुओं के प्रति दया, जरूरतमंदों को भोजन और कंबल बांटना तथा लोगों को बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना शामिल है।
सोनू त्यागी ने बच्चों, माता-पिता और बुजुर्गों की मानसिक और भावनात्मक परेशानियों पर भी बात की। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों के अकेलेपन और परिवारों में कमजोर होते रिश्तों पर चिंता जताई। उनका मानना है कि परिवार में प्यार, सम्मान, समझ और एक-दूसरे के लिए समय होना बहुत जरूरी है।
उन्होंने गो स्पिरिचुअल न्यूज मैगजीन एवं ऐप के बारे में भी जानकारी दी। इसके जरिए अध्यात्म, मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान, आयुर्वेद, वेलनेस, आध्यात्मिक पर्यटन और सकारात्मक जीवन से जुड़ी खबरें और लेख प्रकाशित किए जाते हैं। गो स्पिरिचुअल अपने संदेश को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए वेब टीवी और ओटीटी के क्षेत्र में भी काम कर रहा है।
