शेखपुरा टीबी मुक्त अभियान समीक्षा

बिहार: ‘टीबी मुक्त शेखपुरा’ अभियान: स्कैनिंग में 124% लक्ष्य हासिल, DM ने एक्स-रे में ढिलाई पर दी सख्त चेतावनी

शेखपुरा, बिहार: राष्ट्रव्यापी ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए शेखपुरा जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है. जिला पदाधिकारी (DM) श्री शेखर आनंद की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें टीबी उन्मूलन से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य कड़ियों की बिंदुवार समीक्षा की गई. बैठक में डीएम ने स्पष्ट विजन देते हुए सभी अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने और शेखपुरा को जल्द से जल्द पूरी तरह ‘टीबी मुक्त’ जिला घोषित करने का कड़ा लक्ष्य दिया है.

स्कैनिंग में रचा इतिहास: लक्ष्य से आगे निकला शेखपुरा

समीक्षा बैठक के दौरान जिले में टीबी मरीजों की खोज और शुरुआती लक्षणों की पहचान को लेकर एक बेहद उत्साहजनक रिपोर्ट सामने आई:

  • शानदार प्रगति: जिले में संदिग्ध टीबी मरीजों की खोज के लिए चलाई जा रही स्कैनिंग मुहिम के परिणाम बेहद शानदार रहे हैं.

  • 124% का आंकड़ा: शेखपुरा जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 124 प्रतिशत (124%) स्कैनिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.

  • टीम की सराहना: इस बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिला अधिकारी श्री शेखर आनंद ने फील्ड में काम कर रही पूरी मेडिकल और प्रशासनिक टीम की पीठ थपथपाई.

एक्स-रे में ढिलाई पर बिफरे डीएम: अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

एक तरफ जहां स्कैनिंग के आंकड़े बेहतरीन रहे, वहीं टीबी की सटीक पुष्टि के लिए किए जाने वाले अनिवार्य एक्स-रे (X-Ray) कार्य की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई. इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी जारी की:

“एक्स-रे के कार्य में तत्काल प्रभाव से तेजी लाई जाए. यदि तय समय सीमा के भीतर इस कार्य प्रणाली में सुधार नहीं देखा गया, तो संबंधित मुख्य पदाधिकारियों और लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सीधी जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) अमल में लाई जाएगी.”

जन-प्रतिनिधियों को जोड़कर अभियान को बनाया जाएगा ‘जन-आंदोलन’

टीबी उन्मूलन की इस लड़ाई को केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित न रखकर इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने की रूपरेखा तैयार की गई है:

  • पंचायती राज की भूमिका: डीएम ने निर्देश दिया कि इस अभियान में पंचायती राज व्यवस्था के त्रिस्तरीय प्रतिनिधियों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए.

  • मुखिया और सरपंचों का सहयोग: जिला पंचायती राज पदाधिकारी को विशेष तौर पर निर्देशित किया गया है कि वे जिले के सभी ग्राम पंचायतों के मुखिया और सरपंचों से सीधा संपर्क साधकर अभियान में उनका सक्रिय सहयोग सुनिश्चित कराएं.

  • दैनिक मॉनिटरिंग: अभियान की शुचिता और गति को बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों (वरीय पदाधिकारियों) द्वारा इसकी दैनिक (Daily) मॉनिटरिंग करने का भी कड़ा आदेश जारी किया गया है.

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी एवं स्वास्थ्य अमला

इस महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में धरातल पर योजनाओं को लागू करने के लिए जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन, अपर समाहर्ता, डीआरडीए (DRDA) निदेशक, अपर सीएमओ (ACMO) सहित सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रबंधक और स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे.


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