शेखपुरा: निजी स्कूलों पर RTE सख्ती

शेखपुरा: निजी स्कूलों पर सख्ती, RTE के तहत 25% गरीब बच्चों को देना होगा मुफ्त दाखिला

शेखपुरा के जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को मंथन सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ (RTE) और ‘शुल्क विनियमन अधिनियम’ का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


25% सीटों पर गरीब बच्चों का नामांकन अनिवार्य

RTE अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(c) का हवाला देते हुए डीएम ने निर्देश दिया:

  • निःशुल्क शिक्षा: सभी निजी विद्यालयों को कक्षा-1 की कुल क्षमता की 25% सीटों पर वंचित और अलाभकारी समूह के बच्चों का नामांकन अनिवार्य रूप से करना होगा।

  • प्रचार-प्रसार: पात्र बच्चों तक इस योजना की जानकारी पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी जरूरतमंद बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

यूनिफॉर्म और किताबों की मनमानी पर रोक

अभिभावकों की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए ‘बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2019’ के तहत सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं:

  • खरीद की स्वतंत्रता: स्कूल अब किसी खास दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव नहीं बना पाएंगे। अभिभावक कहीं से भी खरीदारी करने के लिए स्वतंत्र हैं।

  • पारदर्शिता: स्कूलों को अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर किताबों की सूची और ड्रेस की विशिष्टताएं (Specifications) सार्वजनिक करनी होंगी।

  • नियम: बिना किसी ठोस कारण के स्कूल बार-बार यूनिफॉर्म या किताबों के सेट में बदलाव नहीं कर सकेंगे। उल्लंघन होने पर धारा-7 के तहत कार्रवाई होगी।

छात्र सुरक्षा और डिजिटल पहचान पर जोर

बैठक में बच्चों की सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:

  1. अपार आईडी (APAAR ID): सभी निजी स्कूलों के छात्रों का शत-प्रतिशत ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ बनाना अनिवार्य होगा।

  2. हेल्पलाइन नंबर: स्कूल परिसर में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 का बोर्ड प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।

  3. स्वास्थ्य सुरक्षा: प्रत्येक स्कूल में प्राथमिक उपचार के लिए मानक मेडिकल किट का होना अनिवार्य है।

 

औचक निरीक्षण की चेतावनी

जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा विभाग की कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) सहित शिक्षा विभाग के सभी मुख्य अधिकारी उपस्थित रहे।


(रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

 सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)


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