शेखपुरा डीएम स्वास्थ्य पर सख्त
बिहार: शेखपुरा डीएम ने स्वास्थ्य विभाग में कसी नकेल; 3 महीने की विस्तृत रिपोर्ट तलब
शेखपुरा के जिला पदाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को ‘मंथन सभागार’ में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर भड़के डीएम: MOIC को अल्टीमेटम
बैठक की शुरुआत में ही घाटकुसुम्भा चिकित्सा प्रभारी की अनुपस्थिति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों (MOIC) को चेतावनी दी कि अनुशासनहीनता पर सीधा एक्शन लिया जाएगा।
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बायोमैट्रिक उपस्थिति: अब सभी पीएचसी (PHC) और उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक मशीन से ही दर्ज होगी, जिसकी रिपोर्ट नियमित रूप से जिला मुख्यालय भेजी जाएगी।
पिछले 90 दिनों का मांगा हिसाब-किताब
स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत परखने के लिए डीएम ने सभी केंद्रों से पिछले 3 महीनों का अनुपालन प्रतिवेदन मांगा है। इस रिपोर्ट में निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी अनिवार्य होगी:
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ओपीडी और ड्यूटी: प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या और डॉक्टरों की ड्यूटी पर मौजूदगी।
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दवा और उपकरण: जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक और मशीनों (उपकरणों) की कार्यशीलता।
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प्रसव और पोस्टमार्टम: सुरक्षित प्रसव की संख्या के साथ-साथ पोस्टमार्टम और रेफरल मामलों का विस्तृत ब्यौरा।
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रेफरल का कारण: मरीजों को बाहर रेफर करने का ठोस कारण बताना होगा, ताकि अनावश्यक रेफरल पर रोक लगे।
“कागजी खानापूर्ति नहीं, धरातल पर दिखे बदलाव”
डीएम शेखर आनंद ने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन को केवल फाइलों में सुधार नहीं चाहिए, बल्कि अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाली जनता को बदलाव महसूस होना चाहिए। उन्होंने सुधार के साथ-साथ की गई प्रशासनिक कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है।
उपस्थिति: बैठक में सिविल सर्जन, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
(रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा):
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine

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