शेखपुरा: बाढ़-सूखाड़ पर DM अलर्ट
बाढ़-सूखाड़ से निपटने को शेखपुरा प्रशासन अलर्ट: DM शेखर आनंद ने हरोहर नदी किनारे बसे 8 गांवों का किया निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
रिपोर्ट: उमेश कुमार (संवाददाता)
आगामी संभावित बाढ़ और सुखाड़ की चुनौती से निपटने के लिए शेखपुरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी सिलसिले में जिला पदाधिकारी (DM) श्री शेखर आनंद ने बुधवार को घाटकुसुभा प्रखंड के अति-संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का धरातल पर पहुंचकर व्यापक निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने हरोहर नदी के तटवर्ती क्षेत्र में स्थित सहरा, बटौरा, सुजावलपुर, पानापुर, कोयला, हरिरामचक, प्राणपुर और आलापुर सहित कुल 8 गांवों का दौरा किया और स्थानीय तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि मानसून के दौरान हरोहर नदी का जलस्तर बढ़ने से इस समूचे क्षेत्र में भीषण जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे संपर्क मार्ग व मुख्य सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।
विभिन्न विभागों को डीएम के सख्त दिशा-निर्देश
आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
-
सड़क एवं तटबंध सुरक्षा: ग्रामीण कार्य विभाग और बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंताओं को संवेदनशील सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा कार्य समय रहते पूरा करने का निर्देश दिया।
-
पेयजल व्यवस्था (PHED): पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 60 जल टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा।
-
स्वास्थ्य सुविधाएं: उप स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की 100% उपस्थिति अनिवार्य करने के साथ अस्पतालों में बेड, ओआरएस (ORS) घोल, ब्लीचिंग पाउडर और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए।
-
पशुधन सुरक्षा: जिला पशुपालन पदाधिकारी को मवेशियों के लिए चारे (Fodder) का अग्रिम प्रबंध, पशु दवाओं का स्टॉक और पशु चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
-
आपदा प्रबंधन व राहत कार्य: आपदा प्रबंधन विभाग और अंचल अधिकारी को राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट्स की उपलब्धता, नावों का समय पर निबंधन/पंजीकरण, कम्युनिटी किचन की रूपरेखा और गोताखोरों को 24×7 अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया।
“लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई”: डीएम
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन), पीएचईडी व ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला पशुपालन अधिकारी तथा बीडीओ (घाटकुसुभा) सहित जिला व प्रखंड स्तरीय कई अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर पूरी मुस्तैदी से कार्य करें।
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

