शेखपुरा: जिला परिषद् बैठक में बजट पास

शेखपुरा जिला परिषद् की बैठक में बड़ा फैसला: बजट और विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी

रिपोर्ट: सोनू कुमार

शेखपुरा: समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में सोमवार को जिला परिषद् की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला परिषद् अध्यक्षा श्रीमती निर्मला सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस अवसर पर शेखपुरा विधायक श्री रंधीर कुमार सोनी और बरबीघा विधायक डॉ. पुष्पंजय कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

नए वित्त वर्ष के बजट और योजनाओं को मंजूरी

बैठक के दौरान जिले की प्रगति को गति देने के लिए कई वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर लगी:

  • वार्षिक बजट 2026-27: आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक बजट को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गई।

  • योजनाओं का चयन: 15वीं, 16वीं और षष्टम/सप्तम राज्य वित्त आयोग के तहत विकास योजनाओं के चयन और अनुमोदन के प्रस्ताव को पारित किया गया।

  • निविदा स्वीकृति: उत्पाद कार्यालय के सामने जिला परिषद् द्वारा नवनिर्मित 5 दुकानों की निविदा के माध्यम से बंदोबस्ती को मंजूरी दी गई।

राजस्व बढ़ाने पर जोर: दुकान के किराये में 20% की वृद्धि

जिला परिषद् की आय बढ़ाने और पुराने बकायों की वसूली के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए:

  1. किराये में बढ़ोत्तरी: बरबीघा डाक बंगला स्थित जिला परिषद् की 36 दुकानों के किराये में 20 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव पास किया गया।

  2. बकाया वसूली पर सख्ती: जो दुकानदार किराया जमा नहीं कर रहे हैं, उनसे सूद (ब्याज) के साथ वसूली के लिए नीलामवाद चलाने और उनका इकरारनामा रद्द करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय कार्यों की समीक्षा

बैठक में उपस्थित अधिकारियों के साथ जिले में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला परिषद् के सदस्यों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आपूर्ति विभाग के कार्यों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और उनमें सुधार के सुझाव दिए।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), जिला परिषद् उपाध्यक्ष श्री पंकज कुमार, सभी प्रखंड प्रमुख और जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।


निष्कर्ष: जिला परिषद् की इस बैठक से शेखपुरा में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। किराये में वृद्धि और नई योजनाओं की मंजूरी से परिषद के राजस्व और क्षेत्र के विकास में संतुलन बनेगा।

आपकी राय: क्या जिला परिषद् की दुकानों के किराये में 20% की वृद्धि का फैसला सही है? अपनी राय साझा करें।


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