समाज को विखण्डित करने वाली सरकार का विरोध

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने कलेक्ट्रेट पर दिया ज्ञापन ! आज़ाद भारत में स्वास्थ्य व शांति में समाज की स्थापना को तत्कालीन सरकार ने सविधान के दायरे में कानून बनाए ,

 

किंतु समय के स्वास्थ्य एवं समरस समाज के लिए SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम आरक्षण एवं राष्ट भाषा हिंदी के संबंध में पुण्य विचार का समय है लेकिन इसे देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा की सत्ता और विपक्ष महज राजनीतिक हित साधन के लिए इन मुद्दों पर निरंतर समाज को कर रहे हैं ! सरकारें देश की सर्वोच्च अदालत के निर्णयों को निष्प्रभावी करने को तो कानून बना रही है ! सर्वोच्च न्यायालय की मंशा आम आदमी के हित में समाज में विसंगतियां दूर करने की पहल नहीं कर रही है ! ज्ञापन देने वालों में जयवीर सिंह ,राजेश, महेश पाठक, शमसुद्दीन ,जयवीर सिंह यादव उपस्थित रहे !

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