राहुल गांधी का आरोप: वोट चोरी के दो सिस्टम सक्रिय

“वोटर लिस्ट में हेरफेर और EVM की आशंकाएं”: राहुल गांधी का केंद्र व चुनाव आयोग पर तीखा हमला; दो-स्तरीय सिस्टम का लगाया आरोप

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शित को लेकर केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर बड़ा जुबानी हमला बोला है। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की हालिया रिपोर्ट के बाद, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों का खुलासा हुआ था, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की चुनावी प्रणाली में कथित रूप से “दो-स्तरीय सिस्टम” के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

विपक्ष के नेता ने मतदाता सूचियों में अनियमितता और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर देश भर में उठ रहे सवालों को रेखांकित करते हुए चुनाव आयोग से पूर्ण पारदर्शिता की मांग की है।

राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘दो-स्तरीय सिस्टम’ के मुख्य बिंदु

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया की प्रामाणिकता पर मुख्य रूप से दो प्रमुख बिंदुओं को देश के सामने रखा:

  • पहला – वोटर लिस्ट (SIR) में हेरफेर:

    • वैध मतदाताओं के नाम बिना पूर्व सूचना या उचित जांच के मतदाता सूची से हटाना (Name Deletion)।

    • फर्जी या नए नामों का अनधिकृत तरीके से समावेश करना (Name Addition)।

    • निर्वाचन क्षेत्रों का सीमांकन और मतदाताओं को एक बूथ से दूसरे बूथ या क्षेत्र में शिफ्ट करना, जिससे मतदान प्रतिशत और परिणाम प्रभावित हों।

  • दूसरा – EVM से जुड़ी आशंकाएं और डिजिटल तंत्र:

    • इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के सॉफ्टवेयर, चिप्स और डेटा काउंटिंग प्रक्रिया में संभावित तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर जन-आशंकाएं।

    • निर्वाचन आयोग द्वारा हाल ही में शुरू किए गए डिजिटल सिस्टम्स (ECINET/ERONet) और केंद्रीय डेटाबेस पर उठते सवाल।

लोकतांत्रिक मर्यादा और पारदर्शी चुनाव की मांग

विपक्षी दलों का कहना है कि जब स्वयं चुनाव आयुक्तों ने ‘फॉर्म-6’ और डिजिटल पोर्टल एक्सेस को लेकर लिखित असहमति दर्ज कराई है, तो इससे जनता का भरोसा डगमगाता है:

  1. संवैधानिक संस्थाओं की साख का सवाल: राहुल गांधी और I.N.D.I.A. गठबंधन के नेताओं ने मांग की है कि चुनाव आयोग को सभी मतदाता सूचियों का पारदर्शी ऑडिट कराना चाहिए और आयोग के भीतर लिए गए फैसलों की आधिकारिक फाइलें सार्वजनिक की जानी चाहिए।

  2. जनता के मताधिकार की रक्षा: निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव ही भारतीय लोकतंत्र की आत्मा हैं, और इसके लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में किसी भी प्रकार की धांधली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ देश में निष्पक्ष, पारदर्शी और धांधली-मुक्त चुनाव प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का निरंतर समर्थन करती है।

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गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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