प्रयागराज: ITI में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़

प्रयागराज में STF की बड़ी कार्रवाई: ITI नैनी में ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर बिठाने वाले गैंग का पर्दाफाश; प्रिन्सिपल व अनुदेशकों समेत 11 गिरफ्तार

विशेष प्रादेशिक एवं अपराध ब्यूरो: प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की प्रयागराज फील्ड इकाई ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) नैनी में आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा (CBT) में बड़ी धांधली का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने पैसे लेकर मूल परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर बिठाकर सामूहिक नकल कराने वाले गिरोह के 5 सॉल्वरों, संस्थान के प्रिन्सिपल, परीक्षा प्रभारी और 4 अनुदेशकों (Instructors) सहित कुल 11 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है

पुलिस ने मौके से 5 लाख 10 हजार रुपये नकद (परीक्षार्थियों से वसूली गई धनराशि), कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल और परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों में सॉल्वर और सरकारी संस्थान के जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं:

  • सॉल्वर: शिवम कुमार (मेजा), रणविजय सिंह (प्रतापगढ़), जय सिंह (मेजा), जितेन्द्र पटेल (करछना) और दिलीप कुमार पटेल (करछना)

  • संस्थान के अधिकारी व कर्मचारी: अशोक कुमार (प्रिन्सिपल), रवि प्रकाश (कार्यदेशक/परीक्षा प्रभारी), फूल प्रकाश (अनुदेशक), धीरज कुमार शर्मा (अनुदेशक), राजेश कुमार (अनुदेशक) और राजकुमार मौर्या (अनुदेशक)

बरामदगी का विवरण

  • नकद धनराशि: ₹5,100,000 (परीक्षा पास कराने के एवज में ली गई रकम) एवं ₹16,370 (तलाशी से प्राप्त)

  • उपकरण व दस्तावेज: 05 सेट मॉनिटर, सीपीयू, की-बोर्ड व माउस, 06 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 01 पेन ड्राइव, 05 प्रवेश पत्र की छायाप्रति और परीक्षा से संबंधित 67 वर्क दस्तावेज

  • पहचान पत्र: 03 पैन कार्ड और 07 एटीएम कार्ड

ऐसे चलता था धांधली का पूरा खेल: ₹4000 में तय होता था सौदा

एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आईटीआई नैनी में 11 जुलाई से 08 अगस्त 2026 तक तीन पालियों में सीबीटी ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही है

  1. प्रति छात्र रेट: कमजोर परीक्षार्थियों से पास कराने के नाम पर ₹4,000 प्रति परीक्षार्थी वसूले जाते थे

     मास्टरमाइंड की भूमिका: बांदा आईटीआई में तैनात अनुदेशक धीरंजन (पूर्व में नैनी आईटीआई में कार्यरत) मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल के जरिए नैनी आईटीआई के स्टाफ और सॉल्वरों से संपर्क में रहता था
  2. अलग कमरे में परीक्षा: सॉल्वरों को मूल अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र की फोटोकॉपी देकर अलग लैब या कमरे में बिठाया जाता था, जहाँ वे अभ्यर्थी के रोल नंबर और जन्मतिथि से लॉगिन कर पेपर हल करते थे

  3. हिस्सेदारी और कमीशन: सॉल्वरों को प्रति परीक्षा ₹500 दिए जाते थे, जबकि बाकी बची रकम का बंटवारा प्रिन्सिपल, परीक्षा प्रभारी और अनुदेशकों के बीच आपस में कर लिया जाता था

थाना नैनी में मुकदमा दर्ज

एसटीएफ ने 29 जुलाई 2026 की शाम को छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस संबंध में थाना नैनी (कमिश्नरेट प्रयागराज) में मु०अ०सं० 362/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(2) और उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है

फरार आरोपी अनुदेशक धीरंजन की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं

प्रादेशिक एवं अपराध ब्यूरो: प्रयागराज

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

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