प्रयाग ग्रुप: 110 करोड़ की संपत्ति कुर्क
प्रयाग ग्रुप पोंजी घोटाले पर ED का बड़ा प्रहार: 110 करोड़ की संपत्तियां कुर्क, 38 लाख से ज्यादा निवेशकों से हुई थी ठगी
कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता आंचलिक कार्यालय ने करोड़ों रुपये के पोंजी घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसके निदेशकों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है । ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 15 दिसंबर 2025 को एक अनंतिम कुर्की आदेश (PAO) जारी कर 110 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं ।
2,863 करोड़ का महाघोटाला: बिना मंजूरी के चलाई मनी सर्कुलेशन स्कीम
ED की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रयाग ग्रुप ने अपनी प्रमुख कंपनियों, ‘प्रयाग इन्फोटेक हाईराइज लिमिटेड’ और ‘प्रयाग इन्फोटेक नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए भारी धोखाधड़ी को अंजाम दिया ।
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निवेशकों की संख्या: ग्रुप ने देशभर के 38,71,674 जमाकर्ताओं को अपना निशाना बनाया ।
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ठगी गई राशि: उच्च रिटर्न का लालच देकर कुल 2,863 करोड़ रुपये एकत्र किए गए ।
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बकाया भुगतान: 31 मार्च 2016 तक के आंकड़ों के अनुसार, निवेशकों के 1,906 करोड़ रुपये (ब्याज रहित) अभी भी बकाया हैं, जिनका भुगतान नहीं किया गया है ।
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अवैध संचालन: यह पूरा कारोबार आरबीआई (RBI) या सेबी (SEBI) की किसी भी मंजूरी के बिना अवैध रूप से चलाया जा रहा था ।
लग्जरी और सेलिब्रिटी प्रमोशन में उड़ाया जनता का पैसा
जांच में खुलासा हुआ कि निवेशकों से जुटाए गए धन का उपयोग किसी वैध व्यवसाय में नहीं किया गया । समूह एक पोंजी स्कीम चला रहा था, जहां नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था । बाकी बचे धन का बड़ा हिस्सा निम्नलिखित कार्यों में लगाया गया:
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फिल्म सिटी परियोजनाओं, होटल और भूमि की खरीद में ।
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सेलिब्रिटी प्रचार, विज्ञापन और एजेंटों को भारी कमीशन देने में ।
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कंपनियों के अधिग्रहण और प्रमोटरों के निजी विलासिता के लिए ।
बासुदेव बागची और परिवार पर कार्रवाई
ED ने पाया कि समूह के निदेशक बासुदेव बागची, अविक बागची और स्वप्ना बागची ने व्यक्तिगत लाभ के लिए अपराध की आय का इस्तेमाल किया । उन्होंने पारिश्रमिक के बहाने धन निकाला और अपने निजी नाम पर अचल संपत्तियां हासिल कीं । वर्तमान में बासुदेव और अविक बागची न्यायिक हिरासत में हैं ।
कुर्क की गई संपत्तियों का विवरण
ED द्वारा कुर्क की गई 110 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों में शामिल हैं:
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पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में स्थित 450.42 एकड़ भूमि (मूल्य लगभग 104 करोड़ रुपये) ।
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निदेशकों (बासुदेव, अविक और स्वप्ना बागची) के नाम पर दर्ज 6 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत संपत्तियां ।
पृष्ठभूमि: ED ने यह जांच सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज प्राथमिकी और आरोप पत्र के आधार पर शुरू की थी, जो प्राइज चिट और मनी सर्कुलेशन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम, 1978 के तहत दर्ज की गई थी । मामले में अभियोजन शिकायत पहले ही विशेष PMLA कोर्ट में दायर की जा चुकी है और आगे की जांच अभी जारी है
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