भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली संकट
भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली संकट से उत्पादन ठप; एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, ‘कटिया’ डालकर चोरी करने वालों पर कार्रवाई की मांग
(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के अंतर्गत आने वाले भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र (Bhojipura Industrial Area) में इन दिनों बिजली की भारी किल्लत और लगातार हो रही ट्रिपिंग के कारण फैक्ट्रियों में उत्पादन पूरी तरह ठप होने के कगार पर पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी के बीच गहराए इस संकट को लेकर भोजीपुरा इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन (Bhojipura Industrialist Association) ने गहरा रोष व्यक्त किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शुक्ला ने बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली चोरी पर लगाम लगाने की पुरजोर मांग की है।
गर्मी बढ़ते ही चरमराई बिजली व्यवस्था; 24 घंटे में 10 से 15 बार ट्रिपिंग
एसोसिएशन के लेटरहेड (जैसा कि WhatsApp Image 2026-05-23 at 4.04.37 PM.jpeg में देखा जा सकता है) के माध्यम से अध्यक्ष अजय शुक्ला ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भोजीपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है:
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उत्पादन प्रभावित: लगातार अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की वजह से फैक्ट्रियों का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। एक तरफ जहाँ डीजल-पेट्रोल के दाम रोज बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रिपिंग के कारण जनरेटर चलाना भी बेहद महंगा साबित हो रहा है।
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नियमों का उल्लंघन: उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भोजीपुरा इंडस्ट्रियल फीडर को एक स्वतंत्र और 24 घंटे आपूर्ति वाला ‘डेडिकेटेड फीडर’ घोषित किया गया है। इसके बावजूद, करीब 20 दिन पहले इस फीडर को भोजीपुरा से जोड़ दिया गया। अधिकारियों के बार-बार कहने के बाद भी इसे मुख्य इंडस्ट्रियल फीडर से अलग नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण दिन भर में 10 से 15 बार ट्रिपिंग हो रही है और घंटों लाइट गायब रहती है।
अलग ‘लाइनमैन’ की मांग और शटडाउन की अधूरी जानकारी
एसोसिएशन ने बिजली विभाग की आंतरिक लचर व्यवस्था और सूचना तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
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स्टाफ की कमी: पहले भोजीपुरा इंडस्ट्रियल फीडर के लिए एक अलग लाइनमैन नियुक्त था, जो पूरी तरह इसी क्षेत्र की देखरेख करता था। लेकिन अब एक ही लाइनमैन को इंडस्ट्रियल फीडर, रूरल (ग्रामीण) क्षेत्र, और एल्डिको कॉलोनी सहित अन्य कई बड़े क्षेत्रों की जिम्मेदारी दे दी गई है। एसोसिएशन के सदस्यों की मांग है कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए तत्काल प्रभाव से एक अलग लाइनमैन तैनात किया जाए।
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शटडाउन की समस्या: फैक्ट्रियों को शटडाउन से पहले कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती है। जब अचानक लाइट चली जाती है और उद्यमी सब-स्टेशन पर जानकारी लेते हैं, तो अक्सर जवाब मिलता है कि ’33 केवी (33 KV) लाइन’ की खराबी की वजह से मुख्य लाइन ही नहीं आ रही है।
आदेश के बाद भी नहीं हटा कनेक्शन; ग्रामीण डाल रहे ‘कटिया’
एसोसिएशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अवैध बिजली चोरी का मुद्दा भी बेहद प्रमुखता से उठाया है। पत्र के दूसरे भाग में (WhatsApp Image 2026-05-23 at 4.04.36 PM.jpeg) अध्यक्ष अजय शुक्ला ने प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करते हुए लिखा:
“उद्योग बंधु और मण्डलीय उद्योग बंधु के स्पष्ट आदेश हैं कि भोजीपुरा इंडस्ट्रियल फीडर के पास की लाइट को बंद कर नए भोजीपुरा फीडर से जोड़ा जाए। मगर अफसोस की बात है कि मण्डलीय उद्योग बंधु की बैठक में कड़े निर्देश दिए जाने के बाद भी इंडस्ट्रियल एरिया से आटा चक्की और एक्सपेलर (तेल मिल) का बिजली कनेक्शन अभी तक नहीं काटा गया है। इसी ढिलाई की वजह से गांव के लोग सरेआम मुख्य तारों पर ‘कटिया’ (अवैध हुक) डालकर धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे हैं, जिसका सीधा असर उद्योगों की बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है।”
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने फीडर को वापस स्वतंत्र कर निर्बाध आपूर्ति बहाल नहीं की और कटियाबाजों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र के समस्त उद्यमी फैक्ट्रियां बंद कर उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
बरेली से अजय शुक्ला
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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