सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस, जंतर-मंतर खाली करने का निर्देश


राष्ट्रीय एवं लद्दाख ब्यूरो: नई दिल्ली

लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Amran Anshan) पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. शनिवार, 18 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें धरना स्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है.

इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद उनके तमाम समर्थकों और लद्दाख के प्रदर्शनकारियों को तुरंत धरना स्थल खाली करने का निर्देश जारी कर दिया है.

20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे वांगचुक: स्वास्थ्य में भारी गिरावट

लद्दाख की स्वायत्तता और वहां के नाजुक ग्लेशियरों को औद्योगिक शोषण से बचाने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक लगातार कड़ा उपवास रख रहे थे.

  • चिकित्सकीय आपातकाल: पिछले 20 दिनों से अन्न का एक दाना न लेने के कारण वांगचुक का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बेहद खतरनाक स्तर तक गिर गया था. डॉक्टरों की टीम द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन और गंभीर शारीरिक कमजोरी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एहतियातन यह कदम उठाया.

  • अस्पताल में कड़ी सुरक्षा: उन्हें दिल्ली के प्रतिष्ठित सफदरजंग अस्पताल के स्पेशल वार्ड में ले जाया गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य की सघन निगरानी कर रही है. अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है.

जंतर-मंतर खाली कराने पर समर्थकों में आक्रोश

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने जंतर-मंतर पर लद्दाख से आए आंदोलनकारियों के तंबू और बैनर हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

प्रशासनिक तर्क: दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे इस जमावड़े को हटाने का निर्देश दिया गया है.

पुलिस की इस अचानक की गई कार्रवाई से वांगचुक के समर्थकों और लद्दाख के युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है. समर्थकों का कहना है कि वे अपने नेता के अस्पताल से वापस आने तक शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे और सरकार के इस दमनकारी रुख के आगे घुटने नहीं टेकेंगे.


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