PM मोदी के 25 वर्षों का सुशासन: ‘संविधान दिवस’ की पहल से लेकर ‘विकसित भारत’ तक के ऐतिहासिक सफर को देश ने सराहा
“सुशासन और ‘राष्ट्र प्रथम’ के 25 वर्ष: ‘अंत्योदय से आत्मनिर्भरता’ तक पीएम मोदी के ऐतिहासिक सफर पर संसदीय व राष्ट्रीय नेतृत्व ने जताया आभार”
नई दिल्ली: सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश भर से बधाइयों और शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई उनकी प्रशासनिक यात्रा आज ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के महायज्ञ के रूप में राष्ट्र को नई दिशा और गति प्रदान कर रही है।
संसदीय एवं राजनीतिक नेतृत्व ने इस अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि राष्ट्र प्रथम और जन-कल्याण के संकल्प के साथ तय किया गया यह 25 वर्षों का सफर भारत के प्रति अटूट समर्पण की एक बेहद प्रेरक गाथा है।
1. संविधान, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संस्थाओं को सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी के बीते 25 वर्षों के सेवाकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और जन-संवाद को प्राथमिकता दी गई है:
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संविधान गौरव यात्रा (2010): गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वर्ष 2010 में आयोजित ‘संविधान गौरव यात्रा’ ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
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राष्ट्रीय ‘संविधान दिवस’ की शुरुआत (2015): 2015 से प्रतिवर्ष 26 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर ‘संविधान दिवस’ मनाने की पहल पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई, जिसने देश के नागरिकों और युवाओं को भारत के संविधान व इसके निर्माताओं के विचारों से जोड़ा।
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संसदीय संवाद व सहमति: संसद में लोकतांत्रिक चर्चा, सर्वसम्मति और संवैधानिक मर्यादाओं को निरंतर प्रोत्साहित करने पर उनका सदैव विशेष जोर रहा है।
2. ‘अंत्योदय से आत्मनिर्भरता’ और विकास से विरासत का संगम
बीते ढाई दशकों में देश के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में कई युगांतरकारी बदलाव आए हैं:
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गरीब कल्याण व सशक्तिकरण: ‘अंत्योदय’ की भावना के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं (आवास, राशन, स्वास्थ्य, स्वच्छता) की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित की गई है।
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विकास भी, विरासत भी: एक तरफ जहां देश आधुनिक अवसंरचना (Infrastructure), डिजिटल क्रांति और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वाभिमान का संरक्षण भी वैश्विक स्तर पर हो रहा है।
3. ‘विकसित भारत’ बना 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में आज भारत ने विश्व पटल पर अपने सामर्थ्य और संकल्प की अमिट छाप छोड़ी है। ‘विकसित भारत @2047’ का विजन आज केवल एक सरकारी लक्ष्य न होकर देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और साझा संकल्प का प्रतीक बन चुका है।
देश भर के नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और नागरिकों ने ईश्वर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर सक्रिय जीवन की प्रार्थना की है, ताकि राष्ट्रसेवा के इस पावन पथ पर देश को उनका ओजस्वी मार्गदर्शन निरंतर मिलता रहे।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ देश की प्रगति, सुशासन और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े इस ऐतिहासिक पर्व पर अपनी विशेष कवरेज निरंतर जारी रखेगी।
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