IYC प्रदर्शन से थानों में जगह पड़ी कम: राहुल गांधी के युवा सिपाहियों ने पुलिस हिरासत से दी चेतावनी
“दिल्ली में IYC प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत पर गर्माई राजनीति: कांग्रेस का अमित शाह पर सीधा निशाना, पुलिस थाने हुए Houseful”
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के देशव्यापी प्रदर्शन और पुलिस द्वारा की गई व्यापक धरपकड़ के बाद राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। दिल्ली की सड़कों से लेकर पुलिस थानों तक दिन भर गहमागहमी बनी रही। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के आक्रामक तेवरों ने राजधानी की सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है।
1. सड़कों पर संग्राम: थानों में जगह कम पड़ी, बसें बनीं अस्थायी डिटेंशन सेंटर
इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर कड़ी कार्रवाई की:
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हाउसफुल हुए थाने: दिल्ली के कई प्रमुख पुलिस थानों (जैसे तुगलक रोड, मंदिर मार्ग, संसद मार्ग और तिलक मार्ग) में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की भारी संख्या के कारण जगह कम पड़ गई।
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डीटीसी बसों में डिटेन हुए नेता: विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की दर्जनों बसों में भरकर अलग-अलग थानों और पुलिस लाइन्स ले जाया गया।
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इंकलाब का नारा: हिरासत में लिए जाने के बावजूद बसों की खिड़कियों से युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते नजर आए।
2. गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला: “इंकलाब को रोकना मुमकिन नहीं”
हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार तथा गृह मंत्रालय पर सीधा हमला बोला है:
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ज्ञानेश कुमार और अमित शाह के इस्तीफे की मांग: विपक्षी नेताओं का साफ कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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दमनकारी नीति का आरोप: कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस बल का प्रयोग करके जन-आवाज और ‘इंकलाब’ को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो कभी सफल नहीं होगी। “चाहे जितने थानों को हाउसफुल कर लो, यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।”
3. चुनाव आयोग और गृह मंत्रालय की सुरक्षा कड़ी
प्रदर्शन के हिंसक और आक्रामक रुख को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने लुटियंस दिल्ली, गृह मंत्रालय, निर्वाचन आयोग (Ashoka Road) और प्रमुख राजनेताओं के आवासों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। धारा 144 और बैरिकेडिंग लगाकर कई रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है।
निष्कर्ष
चुनाव प्रणाली, ईवीएम-बैलेट पेपर विवाद और प्रशासनिक कार्यवाहियों को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच छिड़ी यह जंग अब सड़कों पर उतर चुकी है। विपक्ष के आक्रामक रुख और सरकार की कड़ी कार्रवाई के बीच आने वाले दिनों में दिल्ली में राजनीतिक घमासान और तेज होने के पूरे आसार हैं।
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IYC प्रदर्शन से थानों में जगह पड़ी कम: राहुल गांधी के युवा सिपाहियों ने पुलिस हिरासत से दी चेतावनी
