PM मोदी का 25 साल पुराना विजन: साकार हो रहा ‘विकसित भारत’
“25 साल पहले पीएम मोदी ने देखा था आत्मनिर्भर और ‘विकसित भारत’ का सपना: आज वैश्विक मंच पर साकार हो रही दूरदृष्टि”
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 वर्ष पूर्व बोया गया आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का बीज आज एक विशाल ‘वटवृक्ष’ का रूप ले चुका है। दो दशक से भी अधिक समय पहले भारत को एक स्वावलंबी, तकनीक-संपन्न और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के जिस विजन की शुरुआत हुई थी, आज वह ‘विकसित भारत @2047’ के रूप में दुनिया के सामने अपने स्वर्णिम परिणाम दिखा रहा है।
आज भारत न केवल वैश्विक मंच पर एक मजबूत आर्थिक और रणनीतिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, बल्कि रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे हर प्रमुख क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
25 वर्षों की यात्रा: ‘आत्मनिर्भर भारत’ से ‘ग्लोबल लीडर’ बनने का सफर
सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक नेतृत्व के बीते 25 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी का मुख्य फोकस भारत की क्षमता को पहचानने और देश को विदेशी निर्भरता से मुक्त कराने पर रहा है:
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डिजिटल क्रांति और मेक इन इंडिया: ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी दूरदर्शी पहलों ने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्माता और फिनटेक (FinTech) क्षेत्र का निर्विवाद लीडर बना दिया है।
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स्वदेशी रक्षा उत्पादन: रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ की बदौलत आज भारत अपनी सीमा सुरक्षा के लिए केवल आयात पर निर्भर नहीं है, बल्कि दुनिया के दर्जनों देशों को रक्षा उपकरण और हथियार निर्यात कर रहा है।
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वैश्विक पटल पर भारत की धमक: जी20 (G20) की सफल अध्यक्षता से लेकर वैश्विक जलवायु वार्ताओं (Climate Action) और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका यह साबित करती है कि भारत अब एक ‘आकांक्षी देश’ नहीं, बल्कि ‘विश्व बंधु’ और ‘ग्लोबल ग्रोथ इंजन’ बन चुका है।
‘विकसित भारत’ के संकल्प की ओर तेज़ी से बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री मोदी के विजन ने देश के 140 करोड़ नागरिकों में यह अटूट विश्वास जगाया है कि भारत 2047 में अपनी आजादी की शताब्दी मनाने तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा।
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सबका साथ, सबका विकास: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की सीधी पहुंच (डीबीटी) ने देश में सामाजिक-आर्थिक समानता की नई नींव रखी है।
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युवा और स्टार्टअप पावर: आज भारत का युवा वर्ग ‘जॉब सीकर’ (नौकरी मांगने वाला) नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ (नौकरी देने वाला) बनकर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम का संचालन कर रहा है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ राष्ट्र निर्माण, वैश्विक प्रतिष्ठा और ‘विकसित भारत’ के इस गौरवशाली सफर में देशवासियों के अटूट संकल्प का अभिनंदन करती है।
