वाइब्रेंट विलेज में बोले पीएम मोदी

“सामूहिक भागीदारी भारत की सांस्कृतिक परंपरा की ताकत”: विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में बोले प्रधानमंत्री मोदी


रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सामूहिक भागीदारी हमेशा से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026’ के दौरान देश भर से आए प्रतिभागियों से सीधे संवाद करते हुए यह महत्वपूर्ण बात कही।

इस विशेष कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से पहुंचे 400 से अधिक युवाओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों के अपने दौरों और अनुभवों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया।

“सामूहिक प्रयासों से मजबूत होती है राष्ट्रीय एकता”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में सदियों से लोग एक साथ मिलकर काम करने और खुशियां बांटने की परंपरा का पालन करते आए हैं।

  • एकता और तनावमुक्त प्रयास: जब लोग मिलकर काम करते हैं, तो इससे आपसी एकता मजबूत होती है और कठिन से कठिन कार्य भी तनावमुक्त और आनंददायक बन जाते हैं।

  • विकास की मुख्यधारा से जुड़ाव: केंद्र सरकार उन सीमांत क्षेत्रों और नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जो बीते दशकों में इससे वंचित रह गए थे।

‘माई भारत’ पहल से बना युवाओं का परिवार

प्रधानमंत्री ने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि कई युवा इस यात्रा पर अकेले निकले थे, लेकिन ‘माई भारत’ (MY Bharat) पहल के माध्यम से वे एक अटूट परिवार बनकर लौटे हैं। उन्होंने इसे कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तिगत अनुभव ही आगे चलकर राष्ट्रीय एकता और अपनत्व की भावना में बदलते हैं।

विशेष रूप से इस यात्रा में स्वतंत्र रूप से भाग लेने वाली युवा महिलाओं का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा:

“महिलाओं और बेटियों की यह भागीदारी भारत की नारियों के बढ़ते आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। सरकार देश की बेटियों को आत्मविश्वास के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

सीमावर्ती गांवों का कार्यनीतिक महत्व

‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को सीमावर्ती (Border) क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और वहां विकास की असीम संभावनाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ देश की सुरक्षा की दृष्टि से सीमांत गांवों के कार्यनीतिक महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का काम कर रहा है।


सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

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