नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ
नीतीश कुमार का ऐतिहासिक कदम: राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ
बिहार की राजनीति में आज एक युग का अंत और एक नई शुरुआत देखने को मिली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सांसद के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

संसद में नई पारी
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शपथ ग्रहण: उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें उनके कक्ष में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में शपथ दिलाई।
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उपस्थिति: इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बनाया अनोखा रिकॉर्ड
नीतीश कुमार भारत के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था के चारों सदनों का प्रतिनिधित्व किया है:
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लोकसभा: वे कई बार सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।
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बिहार विधानसभा: दो बार विधानसभा के सदस्य रहे।
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बिहार विधान परिषद: लंबे समय तक इसके सदस्य के रूप में मुख्यमंत्री पद संभाला (30 मार्च को उन्होंने इस पद से इस्तीफा दिया था)।
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राज्यसभा: अब पहली बार उच्च सदन के सदस्य बनकर उन्होंने इस चक्र को पूरा किया है।

बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट
राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के साथ ही नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे और बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन की अटकलें तेज हो गई हैं।
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नया नेतृत्व: सूत्रों के अनुसार, एनडीए 14 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री का चयन कर सकता है।
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भावुक क्षण: संसद भवन से बाहर निकलते समय नीतीश कुमार काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पुराने संसद भवन के अपने दिनों को याद किया जब वे लोकसभा सदस्य हुआ करते थे।
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना न केवल उनके व्यक्तिगत राजनीतिक करियर का एक बड़ा पड़ाव है, बल्कि यह बिहार की सत्ता में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का भी संकेत है।
(रिपोर्ट: सोनू कुमार पत्रकार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

