विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय श्री अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय श्री अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
हिंदू समाज को एकजुट करने, सांस्कृतिक चेतना को जगाने और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है। उनका संपूर्ण जीवन सनातन धर्म, सेवा और राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित रहा।
प्रमुख योगदान एवं जीवन दर्शन
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श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के सूत्रधार: उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने और भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
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सांस्कृतिक पुनर्जागरण: उन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बसे हिंदू समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक स्वाभिमान को जगाने का कार्य किया।
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सामाजिक समरसता और सेवा: हिंदू समाज से छुआछूत और भेदभाव मिटाने के लिए उन्होंने संत समाज के साथ मिलकर अनेक अभियान चलाए और सेवा कार्यों को गति दी।
“धर्म ही हमारी पहचान है और समाज की एकजुटता ही हमारी शक्ति।”
— श्री अशोक सिंघल जी का विचार
उनका अनुशासित जीवन, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
