फर्जी आधार बनाने वाला मास्टरमाइंड दबोचा
Bahraich: नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड प्रमोद गिरफ्तार
बहराइच न्यूज़: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है । यह गिरोह कूटरचित (fake) जन्म और निवास प्रमाण पत्र बनाकर उनके जरिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रहा था । एसटीएफ ने गिरोह के मास्टरमाइंड प्रमोद कुमार निशाद को नेपाल भागने की फिराक में बॉर्डर से दबोच लिया है ।
12 दिसंबर की सुबह एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
12 दिसंबर, 2025 को सुबह करीब 4:30 बजे एसटीएफ की साइबर टीम ने थाना मुर्तिहा क्षेत्र के रजनवा नेपाल बॉर्डर से प्रमोद कुमार निशाद को गिरफ्तार किया । प्रमोद बहराइच के ही ग्राम सेमरी मलमला का रहने वाला है और उसने बीएससी (B.Sc) तक शिक्षा प्राप्त की है । पुलिस ने उसके पास से एक हुंडई वरना कार, लैपटॉप, बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैनर समेत भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं ।
कैसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल?
पूछताछ में मास्टरमाइंड प्रमोद ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
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टेलीग्राम से शुरू हुआ संपर्क: प्रमोद ने बताया कि वह टेलीग्राम के जरिए ‘अकील सैफी’ नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने उसे फर्जी आधार बनाने का पोर्टल और आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराया ।
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मिनटों में बनता था फर्जी सर्टिफिकेट: आरोपी पोर्टल पर किसी का भी नाम-पता डालता था और महज 1-2 मिनट में फर्जी डिजिटल जन्म व निवास प्रमाण पत्र का पीडीएफ तैयार हो जाता था ।
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19 हजार आधार कार्ड का रिकॉर्ड: प्रमोद ने कुबूला कि उसके द्वारा चलवाई जा रही विभिन्न आईडी के माध्यम से अब तक लगभग 18 से 19 हजार फर्जी आधार कार्ड बनाए या अपडेट किए जा चुके हैं ।
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आईडी बेचने का धंधा: प्रमोद खुद 35 हजार रुपये में आईडी लेता था और आगे लोगों को 45 हजार रुपये में बेचकर मुनाफा कमाता था ।
नेपाल भागने की फिराक में था मास्टरमाइंड
अक्टूबर 2025 में इस गिरोह के चार सदस्यों (सोनू सिंह, अखंड प्रताप, नफीस अली और राम निवास) की गिरफ्तारी के बाद से ही प्रमोद वांछित चल रहा था । गिरफ्तारी से बचने के लिए वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बॉर्डर पार करने से पहले ही एसटीएफ ने उसे घेर लिया ।
पुलिस की अगली कार्रवाई
एसटीएफ अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी पोर्टल बनाने वाले डेवलपर्स की तलाश कर रही है । बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा और आरोपी के बैंक खातों की जांच जारी है । आरोपी के खिलाफ थाना मुर्तिहा में बीएनएस (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है
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