नशा तस्करों पर हरियाणा सरकार का बड़ा प्रहार; 9 माह में 6,824 गिरफ्तार, ₹19.52 करोड़ की संपत्ति अटैच; मुख्य सचिव ने दिए सख्त आदेश

“हरियाणा में नशा तस्करों पर कसा शिकंजा: 9 महीनों में 6,824 आरोपी गिरफ्तार, ₹19.52 करोड़ की संपत्ति अटैच; मुख्य सचिव ने की NCORD की समीक्षा”

विशेष अपराध एवं प्रशासनिक कानून व्यवस्था रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)

चंडीगढ़ / हरियाणा: हरियाणा को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के संकल्प के तहत राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ समानांतर और कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है। हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य भर में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों की गहन समीक्षा की गई।

जनवरी से सितंबर 2026 तक के आंकड़ों की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के साथ-साथ उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त और अटैच (Attach) करने की कार्रवाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।

1. 9 महीनों के आंकड़े: मुकदमों और गिरफ्तारियों में भारी इजाफा

  • 3,809 एफआईआर दर्ज: इस वर्ष जनवरी से सितंबर 2026 तक के 9 महीनों में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत 3,809 मामले (FIR) दर्ज किए गए हैं।

  • 6,824 आरोपी सलाखों के पीछे: राज्य पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा चलाए गए ताबड़तोड़ अभियानों के परिणामस्वरूप 9 माह में 6,824 नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है।

2. नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ पर प्रहार: संपत्ति अटैचमेंट में 300% से अधिक की वृद्धि

हरियाणा सरकार ने नशा तस्करों के वित्तीय साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त करने का रोडमैप तैयार किया है:

  • ₹19.52 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त: इस अवधि में अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार से बनाई गई ₹19.52 करोड़ मूल्य की संपत्तियों (मकान, जमीन, वाहन और बैंक खाते) को कानूनी प्रक्रिया के तहत अटैच किया गया है।

  • अतीत से तुलना: पिछले वर्ष (2025) की समान अवधि में जब्त की गई संपत्ति का आंकड़ा ₹5.92 करोड़ था। इस वर्ष संपत्ति जब्ती की कार्रवाई में तीन गुने (300% से अधिक) से भी ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है।

3. ‘ड्रग-फ्री हरियाणा’ के लिए मुख्य सचिव के कड़े निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट निर्देश दिए:

  • नशा आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं (Inter-State Borders) पर सघन चेकिंग अभियान जारी रखा जाए।

  • मुख्य अपराधियों और गैंगस्टरों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें SAFEMA और NDPS कानून के तहत कुर्क किया जाए।

  • प्रवर्तन (Enforcement) के साथ-साथ युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए पुनर्वास केंद्रों (Rehabilitation Centers) और जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत बनाया जाए।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: आर्थिक प्रहार ही अपराध का स्थाई समाधान

नशा तस्करी जैसी सामाजिक बुराई पर केवल गिरफ्तारियों से पूरी तरह लगाम नहीं लगाई जा सकती। जब तक तस्करों की काली कमाई और संपत्तियों को जब्त नहीं किया जाएगा, तब तक इस सिंडिकेट को खत्म करना कठिन है। हरियाणा सरकार द्वारा अपराधियों की संपत्तियों पर किया जा रहा यह कड़ा प्रहार एक अनुकरणीय और प्रभावी रणनीति है।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ अभियानों से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को पूरी प्रमाणिकता और निडरता के साथ अपने पाठकों तक पहुँचाती है।

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  1. क्या आप हरियाणा के सीमावर्ती जिलों (जैसे सिरसा, अंबाला, फरीदाबाद) में नशा तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ना चाहते हैं?

  2. क्या आप नशा पीड़ितों के पुनर्वास (Rehabilitation) और नशा मुक्ति केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए हरियाणा सरकार की नीतियों की समीक्षा जानना चाहते हैं?

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