ऋषिकेश में जुटी FCBM की राष्ट्रीय मैनेजिंग कमेटी: एआई से बदलेगी कॉरुगेशन उद्योग की तस्वीर; इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर और बढ़ती लागत पर उद्योगपतियों ने जताई चिंता

“पैकेजिंग उद्योग में क्रांति लाएगा AI: ऋषिकेश में जुटे देशभर के 150 से अधिक कॉरुगेटर्स; FCBM बैठक में उद्योग की चुनौतियों और ‘इनवर्टेड टैक्स’ पर हुआ बड़ा मंथन”

विशेष औद्योगिक एवं व्यापारिक रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)

ऋषिकेश / उत्तराखंड: देवभूमि ऋषिकेश स्थित द ऑर्किड ऋषिवन में फेडरेशन ऑफ कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया (FCBM) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन भारतीय पैकेजिंग उद्योग के भविष्य को लेकर ऐतिहासिक विचार-विमर्श हुआ। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित देशभर से 150 से अधिक प्रमुख कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माता (कॉरुगेटर्स) एकजुट हुए।

सम्मेलन में मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर (Inverted Tax Structure) जैसे वित्तीय दबावों पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।

1. AI, मशीन लर्निंग और सेंसर तकनीक से बदलेगी कॉरुगेशन उद्योग की तस्वीर

सम्मेलन के दूसरे दिन का मुख्य केंद्र बिंदु आधुनिक तकनीकों का समावेश रहा। अंतर्राष्ट्रीय केस स्टडीज के जरिए विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय कॉरुगेटेड बॉक्स उद्योग कैसे स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को अपना सकता है:

  • उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण: AI और सेंसर टेक्नोलॉजी के प्रयोग से निर्माण प्रक्रिया में होने वाले नुकसान को कम करने, मशीनों की कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ाने और डेटा-आधारित त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

  • सप्लाई चेन मजबूती: भारतीय कॉरुगेटेड उद्योग अब केवल पैकेजिंग सप्लायर नहीं, बल्कि देश की बढ़ती विनिर्माण (Manufacturing) और सप्लाई चेन का सबसे अहम सहयोगी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

2. बढ़ती लागत और 18% बनाम 5% GST (इनवर्टेड टैक्स) पर गहरी चिंता

उद्योग प्रतिनिधियों ने कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माताओं के सामने आ रहे वित्तीय संकटों पर खुलकर चर्चा की:

  • कच्चे माल की अप्रत्याशित दरें: कागज की बेतहाशा बढ़ती कीमतों, PNG गैस, स्टार्च और लेबर कॉस्ट ने विशेष रूप से एमएसएमई (MSME) और छोटे कॉरुगेटर्स के वजूद पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर का दबाव: कच्चे माल की खरीद पर 18% GST और तैयार कॉरुगेटेड बॉक्स की बिक्री पर 5% GST होने के कारण वर्किंग कैपिटल फंस रही है, जिससे उद्योग पर भारी आर्थिक दबाव बन रहा है।

3. दिग्गज नेतृत्व और संगठनात्मक समन्वय

इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में उत्तराखंड कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (UKCBMA) के अध्यक्ष श्री राजू गावा और उत्तर प्रदेश कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (UPCBMA) के अध्यक्ष डॉ. एस. के. चौहान ने अहम भूमिका निभाई।

FCBM के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र भाटी के नेतृत्व में मैनेजिंग कमेटी, आरएंडडी (R&D), बीआईएस (BIS) और स्किल डेवलपमेंट उप-समितियों ने उद्योग का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया। इस दौरान उद्योग के भीष्म पितामह माने जाने वाले डॉ. के. पी. सिंह के लंबे अनुभवों और मार्गदर्शन की विशेष सराहना की गई।

4. गंगा आरती से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

तकनीकी सत्रों के समापन के पश्चात देशभर से आए उद्योगपतियों ने पवित्र गंगा तट पर गंगा आरती में भाग लिया। इस अवसर पर उद्योगपतियों ने पर्यावरण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) को रेखांकित करते हुए स्वच्छता, सिंगल-यूज प्लास्टिक के विकल्प और इको-फ्रेंडली बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: ‘आत्मनिर्भर भारत’ में कॉरुगेशन उद्योग का योगदान

किसी भी देश के औद्योगिक विकास में सुरक्षित और आधुनिक पैकेजिंग रीढ़ की हड्डी होती है। यदि सरकार इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर जैसी व्यावहारिक समस्याओं को सुलझाती है और उद्योग आधुनिक एआई (AI) तकनीक को अपनाता है, तो भारतीय कॉरुगेटेड बॉक्स उद्योग न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक निर्यात बाजार में भी नया इतिहास रचेगा।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ उद्योग जगत, व्यापारिक सुधारों, नई तकनीकों और एमएसएमई (MSME) सेक्टर की आवाज को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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  1. क्या आप FCBM द्वारा जीएसटी परिषद (GST Council) को इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर (18% बनाम 5%) को दूर करने के लिए भेजे जाने वाले आधिकारिक ज्ञापन की विस्तृत जानकारी चाहते हैं?

  2. क्या आप पैकेजिंग उद्योग में एआई (AI) और ऑटोमेशन लागू करने की लागत व उसके व्यावहारिक लाभों पर आधारित तकनीकी विश्लेषणात्मक रिपोर्ट पढ़ना चाहते हैं?

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