लक्ष्मी नगर पोस्ट ऑफिस में ‘अंधेरगर्दी’

दिल्ली सरकार के दाफ्तरों में ‘अंधेरगर्दी’: लक्ष्मी नगर पोस्ट ऑफिस में घंटों गुल रहती है बिजली, जनता लाइन में और कर्मचारी ‘आराम’ में!

नई दिल्ली (लक्ष्मी नगर): दिल्ली सरकार एक तरफ पूरे शहर में 24 घंटे मुफ्त और निरंतर बिजली देने के बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सरकारी दफ्तरों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लक्ष्मी नगर स्थित पोस्ट ऑफिस से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वो सरकार के ‘दिल्ली मॉडल’ पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।

घंटों का इंतज़ार और पसीने में लथपथ जनता

लक्ष्मी नगर पोस्ट ऑफिस में काम करवाने पहुँची आम जनता का हाल बुरा है। हमारे रिपोर्टर ने देखा कि घंटों तक बिजली कटी रहती है, जिस वजह से सर्वर डाउन हो जाता है और सारा काम ठप्प पड़ जाता है।

  • लाइन में खड़ी पब्लिक: बूढ़े, बच्चे और महिलाओं को घंटों तक तपिश भरी गर्मी में लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।

  • कर्मचारियों का ‘आराम’: जब जनता परेशान हो रही होती है, तब दफ्तर के अंदर कर्मचारी ‘लाइट नहीं है’ का बहाना बनाकर आराम फरमा रहे होते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ काम से बचने का एक नया बहाना है?

दिल्ली सरकार के ‘बिजली वादे’ की खुल गई पोल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हर मंच से बिजली को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हैं, लेकिन जहाँ बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत है—यानी पब्लिक सर्विस काउंटर्स पर—वहीं लाइट घंटों गायब रहती है।

  1. VVIP इलाकों में बिजली, आम इलाकों में कट: क्या सरकार सिर्फ चुनावी फायदे के लिए वादे करती है?

  2. बैक-अप की कमी: इतने बड़े पोस्ट ऑफिस में एक जनरेटर या इन्वर्टर की व्यवस्था न होना, प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

पब्लिक का गुस्सा: “हमारी सुनने वाला कोई नहीं”

वहाँ मौजूद लोगों ने बताया कि यह हर दिन का किस्सा है। एक तरफ ‘डिजिटल इंडिया’ की बातें होती हैं और दूसरी तरफ एक छोटी सी बिजली कटौती से घंटों काम रुका रहता है। लक्ष्मी नगर जैसे व्यस्त (Busy) इलाके में ऐसी सुविधाओं का अभाव शर्मनाक है।

रिपोर्टर की राय (Opinion)

हमारे रिपोर्टर के मुताबिक, यह सिर्फ बिजली की समस्या नहीं है बल्कि सरकारी तंत्र की वह ‘ढुलमुल’ मानसिकता है जो आम जनता को कीड़े-मकौड़ों की तरह समझती है। अगर सरकार वाकई गंभीर है, तो उसे इन दफ्तरों में बिजली और बैकअप की तुरंत व्यवस्था करनी चाहिए ताकि जनता को जिल्लत न झेलनी पड़े।


facebook channel

 और राजनीतिक अपडेट्स के लिए हमसे जुड़े रहें।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: