वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में बरेली में प्रदर्शन

लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में बरेली में उबाल; DM कार्यालय पर प्रदर्शन, कचहरी में कामकाज ठप

(बरेली): लखनऊ में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को बरेली के वकीलों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बरेली बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी अविनाश सिंह को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कचहरी परिसर में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहा, जिससे दूर-दराज से आए वादकारियों (फरियादियों) को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कचहरी से कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित और सचिव दीपक पांडे के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर से एक विशाल जुलूस निकाला। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए वकील “वकील एकता जिंदाबाद” और “लाठीचार्ज बंद करो” के गगनभेदी नारे लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वकीलों ने कलेक्ट्रेट में करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग

जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें उठाईं:

  • तत्काल सस्पेंशन: लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

  • मुआवजा: पुलिसिया कार्रवाई में घायल हुए वकीलों को सरकार की तरफ से उचित मुआवजा दिया जाए।

  • अधिवक्ता सुरक्षा कानून: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस व प्रभावी नीति बनाई जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित ने कहा कि अधिवक्ता समाज लोकतंत्र का चौथा और महत्वपूर्ण स्तंभ है। वकीलों पर इस तरह बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और उग्र किया जाएगा।

वहीं, सचिव दीपक पांडे ने कड़े शब्दों में कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल यह एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन था, लेकिन जरूरत पड़ने पर वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

वादकारी रहे परेशान, अदालतों में पसरा सन्नाटा

वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते मंगलवार को जिले की सभी अदालतों में न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। मामलों की सुनवाई टल जाने के कारण बड़ी संख्या में वादकारी बिना अपना काम कराए निराश होकर वापस लौट गए। पूरे दिन कोर्ट परिसर में केवल प्रदर्शन और नारेबाजी का माहौल बना रहा।


बरेली से अमरजीत

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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