दिल्ली में पुलिस पर भारी पड़े वकील, ACP और SHO का किया गया तबादला, हड़ताल भी टूटी
दिल्ली की जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल और पुलिस-वकील विवाद के सुलझने से जुड़ा हुआ है।
शाहदरा थाने के पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद दिल्ली पुलिस प्रशासन द्वारा दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला किए जाने के बाद वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी।
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विवाद की मुख्य वजह:
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वकील ललित बंसल के साथ हुई मारपीट/गंभीर चोट के मामले में आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई न होने और कथित तौर पर रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ने के आरोपों के बाद विवाद शुरू हुआ था।
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वकीलों का आरोप था कि जब वे थाने पहुंचे, तो एसीपी (ACP) द्वारा पिस्तौल दिखाकर वकीलों को डराने और बदसलूकी करने का व्यवहार किया गया।
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कार्रवाई और तबादले:
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वकीलों के विरोध और कार्य बहिष्कार के दबाव के बाद दिल्ली पुलिस ने गांधी नगर SDPO (ACP) मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के SHO अरुण कुमार का तबादला कर दिया।
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ACP को SPUWAC (स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वुमन एंड चिल्ड्रेन) और SHO को सिक्योरिटी विंग में भेजा गया है।
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दिल्ली बार काउंसिल, दिल्ली पुलिस अधिकारियों और जिला अदालतों की ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स बार एसोसिएशंस (Co-ordination Committee) के बीच उच्च स्तरीय बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया।
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पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज शिकायतों की 2 महीने में निष्पक्ष जांच और वकीलों से जुड़ी एफआईआर की जांच तय समयसीमा (1 हफ्ते) में पूरी करने का आश्वासन भी दिया गया है।
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अदालतों में काम दोबारा शुरू:
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इस फैसले के बाद दिल्ली की सभी जिला अदालतों (तिस हजारी, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, रोहिणी आदि) में वकीलों ने न्यायिक कार्य (Court Work) में वापस लौटना स्वीकार किया।
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