KVIC रिश्वतखोरी: 4 साल की सज़ा!

⚖️ सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद का फैसला

 

अपराधी का नाम पद/पहचान सज़ा जुर्माना
विनोद कुमार सहायक, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), मंडल कार्यालय मेरठ 4 साल का कारावास ₹50,000
सुरेंद्र खुराना उर्फ सनी खुराना निजी व्यक्ति (Private Person) 3 साल का कारावास ₹10,000
फैसले की तारीख 27 नवंबर, 2025

📂 मामले का विवरण

 

  • FIR दर्ज: 15.09.2017 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा।

  • आरोप: अवैध परितोषण (Illegal Gratification) की मांग करना और स्वीकार करना।

  • अपराध की अवधि: 21.11.2016 से 15.09.2017 तक।

  • विनोद कुमार की भूमिका:

    • वह KVIC, मंडल कार्यालय मेरठ में सहायक के रूप में कार्यरत थे।

    • वह मेरठ और शामली के लिए जिला समन्वयक (District Coordinator) के रूप में भी कार्य कर रहे थे।

    • उन्होंने एक सीमेंट टाइल्स विनिर्माण यूनिट स्थापित करने के लिए ₹15,57,600 के ऋण से संबंधित शिकायतकर्ता के अवैध आवेदन को संसाधित करने के लिए ₹1,25,000 की अवैध रिश्वत प्राप्त करने के लिए निजी व्यक्ति सुरेंद्र खुराना के साथ आपराधिक षडयंत्र (Criminal Conspiracy) किया।

  • जांच और मुकदमा:

    • आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल: सीबीआई ने 13.11.2017 को किया।

    • आरोप तय (Charges Framed): कोर्ट ने 15.01.2018 को किए।

माननीय न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई।


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