बिहार में डीरेगुलेशन फेज-2 पर निर्देश
बिहार: 15 दिन में निपटाएं डीरेगुलेशन फेज-2 के सभी काम; विशेष सचिव केके पाठक का सख्त निर्देश
(रिपोर्ट: सुनील कुमार, पटना)
पटना: बिहार में व्यापार और निवेश को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक सुधारों की गति तेज कर दी गई है। केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान ‘डीरेगुलेशन फेज-2’ के लंबित कार्यों को अगले 15 दिनों में हर हाल में पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।
बैठक के 5 बड़े और महत्वपूर्ण फैसले:
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जेल के प्रावधान खत्म: व्यावसायिक कानूनों में छोटी और तकनीकी चूकों के लिए अब कारावास (जेल) की सजा नहीं होगी। इन प्रावधानों को हटाकर अब केवल आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
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15 दिन की समय-सीमा: फेज-2 के तहत जितने भी सुधार लंबित हैं, उन्हें 15 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी कैबिनेट सचिवालय को सौंपी गई है।
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साप्ताहिक रिपोर्टिंग: सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को भेजें ताकि काम की निगरानी हो सके।
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नियमों का सरलीकरण: केके पाठक ने कहा कि “अनावश्यक नियम निवेश में बाधा हैं।” उन्होंने विभागों को उन रिटर्न और रजिस्टरों की सूची बनाने को कहा जिन्हें खत्म किया जा सकता है, ताकि व्यापारियों पर अनुपालन का बोझ (Compliance Burden) कम हो।
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बिल्डिंग बाय-लॉज में बदलाव: राज्य के बिल्डिंग बाय-लॉज में राष्ट्रीय भवन संहिता 2026 के नए मानकों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही FAR नियमों को तर्कसंगत बनाया जाएगा और सरकारी संपत्तियों के रखरखाव के लिए TFM मॉडल अपनाया जाएगा।

मुख्य सचिव का ‘मिशन मोड’ मंत्र
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को ‘मिशन मोड’ में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए सभी स्वीकृतियों हेतु ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ को अनिवार्य बनाया जाए।
विशेष सचिव केके पाठक ने बिहार द्वारा अब तक की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में वित्त, उद्योग, नगर विकास और भवन निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रधान सचिव उपस्थित रहे।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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