अवैध निर्माण: 4 मंजिल से ऊपर सीलिंग के आदेश
सत्या निकेतन और सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद जागी दिल्ली सरकार: 4 मंजिल से ऊपर की इमारतों को तुरंत सील करने के आदेश, मेहरौली में दिखा अवैध निर्माण का ‘भयंकर जाल’
नई दिल्ली: सत्या निकेतन में हुए दर्दनाक पीजी हादसे और उस पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणियों के बाद आखिरकार दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) का प्रशासनिक अमला हरकत में आता दिख रहा है। राजधानी में अवैध और हादसों को न्योता देने वाली बहुमंजिला इमारतों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश जारी किया है। नए निर्देशों के अनुसार, दिल्ली में निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर बनाई गई 4 मंजिल से ऊपर की सभी अवैध इमारतों को तुरंत प्रभाव से सील (Seal) किया जाएगा।
हालांकि, सरकारी आदेशों के दावों के बीच धरातल पर नियमों की धज्जियां उड़ने की खौफनाक तस्वीरें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
मेहरौली में खुला सरकारी दावों का सच: एक ही मोहल्ले में दर्जनों 6 मंजिला इमारतें
सरकार के इस सख्त रुख के तुरंत बाद दिल्ली के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले इलाके मेहरौली (Mehrauli) से प्रशासनिक अनदेखी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है:
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एक ही मोहल्ले में 6-6 मंजिला अवैध इमारतें: मेहरौली के एक ही मोहल्ले में 4 मंजिल की तय सीमा को पार कर 6-6 मंजिला विशाल इमारतें धड़ल्ले से खड़ी कर दी गई हैं।
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खतरनाक बेसमेंट का निर्माण: इन इमारतों में न केवल ऊपरी मंजिलें अवैध रूप से बनाई गई हैं, बल्कि बिना किसी स्ट्रक्चरल सेफ्टी जांच और सॉइल टेस्टिंग के गहरे बेसमेंट (Basements) भी खोद दिए गए हैं, जो पूरी इमारत और आसपास के मकानों की नींव को कमजोर कर रहे हैं।
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संकरी गलियां और बड़े हादसे का खतरा: मेहरौली की तंग गलियों में बनी ये 6 मंजिला इमारतें भूकंप या आगजनी जैसी स्थिति में ताश के पत्तों की तरह ढह सकती हैं, जिससे सैकड़ों मासूमों की जान जोखिम में पड़ चुकी है।
कागजी आदेश या जमीनी कार्रवाई? उठ रहे बड़े सवाल
दिल्ली सरकार के सीलिंग के आदेश के बाद अब जनता और नागरिक संगठनों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई केवल कुछ दिनों का दिखावा बनकर रह जाएगी या वाकई अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलेगा?
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प्रशासनिक साठगांठ पर कब लगेगी लगाम? सवाल यह है कि जब मेहरौली जैसे इलाकों में बेसमेंट से लेकर 6वीं मंजिल तक का निर्माण हो रहा था, तब स्थानीय निगम इंजीनियर और पुलिस बीट अफसर कहां सो रहे थे?
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‘ऑल राइट्स मैगजीन’ का स्पष्ट सवाल: चाहे लक्ष्मी नगर का ‘शर्मा पीजी’ हो या मेहरौली की यह 6 मंजिला इमारतें, केवल आदेश जारी करने से हादसे नहीं रुकेंगे। जब तक रिश्वत लेकर ऐसी इमारतों को बनने देने वाले अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तब तक दिल्ली के नागरिक सुरक्षित नहीं हो सकते।
जनता अब मांग कर रही है कि मेहरौली समेत पूरी दिल्ली में टास्क फोर्स बनाकर इन 4 मंजिल से ऊपर बनी अवैध इमारतों और उनके बेसमेंट पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के तुरंत सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाए।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
