बीजेपी समर्थक नेता की छवि कैसे बनी? राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शशि थरूर ने खोला राज।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब खुद उन्होंने स्थिति साफ कर दी है। हाल के दिनों में उन्हें “बीजेपी समर्थक नेता” बताए जाने की चर्चाओं पर शशि थरूर ने कहा कि यह छवि उनके कुछ बयानों की गलत व्याख्या और मीडिया नैरेटिव का नतीजा है, न कि उनकी वास्तविक राजनीतिक सोच का।
देशहित को पार्टी लाइन से जोड़कर देखा गया
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उन्होंने जो बातें कहीं, वे देशहित के नजरिए से थीं, लेकिन उन्हें किसी खास पार्टी के समर्थन के रूप में पेश कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि वे न तो भाजपा के समर्थक हैं और न ही कभी कांग्रेस के मूल विचारों से अलग हुए हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद तस्वीर साफ
थरूर की राहुल गांधी से हुई हालिया मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चल रही अटकलों पर भी विराम लगा है।
मुलाकात के बाद शशि थरूर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक रही और वे कांग्रेस में पूरी मजबूती के साथ जुड़े हुए हैं।
पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस छोड़ने या किसी अन्य दल में जाने की कोई योजना नहीं है।
थरूर ने यह भी जोड़ा कि वैचारिक मतभेद किसी भी लोकतांत्रिक पार्टी का हिस्सा होते हैं, लेकिन उन्हें पार्टी विरोधी रुख के तौर पर देखना गलत है।
राजनीतिक संदेश क्या है?
शशि थरूर का यह बयान कांग्रेस के भीतर एकता और स्पष्टता का संकेत माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी कि किसी नेता के विचारों को सिर्फ राजनीतिक चश्मे से देखना सही नहीं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
