होम बायर्स से ठगी: ED का बड़ा एक्शन
Gurugram Real Estate Scam: घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी पर ED का बड़ा प्रहार; रामप्रस्थ प्रमोटर्स की 80 करोड़ की संपत्ति कुर्क, वाटिका और यूनिटेक ग्रुप पर भी आंच
गुरुग्राम | ब्यूरो रिपोर्ट: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने घर खरीदारों के साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। रामप्रस्थ प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (RPDPL) और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ईडी ने 17 दिसंबर 2025 को 80.03 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है।
होम बायर्स के पैसे का डायवर्जन: वाटिका और यूनिटेक ग्रुप की संपत्ति भी लपेटे में
ईडी की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रामप्रस्थ (RPDPL) ने घर खरीदारों से जुटाए गए धन का उपयोग प्रोजेक्ट पूरा करने के बजाय उसे दूसरी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया। कुर्क की गई संपत्तियों में वाटिका ग्रुप (Vatika Group) और यूनिटेक ग्रुप (Unitech Group) की भी संपत्तियां शामिल हैं, जिन्हें होम बायर्स का पैसा अनैतिक रूप से भेजा गया था।
14 साल का इंतजार और ₹1100 करोड़ की चपत
आर्थिक अपराध शाखा (EOW), दिल्ली और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि:
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अधूरे प्रोजेक्ट्स: RPDPL ने 2008-2011 के बीच गुरुग्राम के सेक्टर 37D, 92, 93 और 95 में Project Edge, Project Skyz, Project Rise और Ramprastha City जैसे प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए थे।
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टूटा वादा: 3-4 साल में पजेशन देने का वादा किया गया था, लेकिन 10-14 साल बीत जाने के बाद भी खरीदारों को न घर मिले न प्लॉट।
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भारी वसूली: कंपनी ने 2600 से अधिक होम बायर्स से लगभग 1100 करोड़ रुपये वसूले थे।
लोन और एडवांस के नाम पर ‘फंड का खेल’
ईडी की जांच के अनुसार, होम बायर्स से इकट्ठा किए गए फंड को ग्रुप कंपनियों और बाहरी संस्थाओं को लोन, एडवांस और जमीन सौदों के बहाने ट्रांसफर कर दिया गया। प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की नीयत के बजाय पैसे की हेराफेरी (Money Laundering) की गई।
अब तक 866 करोड़ की संपत्ति जब्त, प्रमोटर्स जेल में
इस हाई-प्रोफाइल केस में अब तक की कार्रवाई:
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गिरफ्तारी: ईडी ने 21 जुलाई 2025 को RPDPL के डायरेक्टर अरविन्द वालिया और संदीप यादव को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
कुल जब्ती: इससे पहले ईडी ने 786 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। ताजा 80.03 करोड़ की कार्रवाई के बाद अब तक इस मामले में कुल 866 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त/कुर्क की जा चुकी है।
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