₹100 करोड़ की GST चोरी: मुख्य आरोपी अरेस्ट
GST घोटाला: यूपी एसटीएफ ने पुणे से मुख्य आरोपी को दबोचा, 100 करोड़ की राजस्व क्षति 🚨
पुणे से अंतर्राज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने 22 मार्च 2026 को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बोगस फर्मों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है । अभियुक्त की पहचान केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली के रूप में हुई है, जिसे पुणे, महाराष्ट्र के विमान नगर क्षेत्र से पकड़ा गया ।
अभियुक्त और बरामदगी का विवरण ⚖️
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अभियुक्त: केशवानी अब्बास हुसैन रमजान अली (निवासी: पुणे, महाराष्ट्र; स्थायी पता: भावनगर, गुजरात) ।
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बरामद सामग्री: 02 लैपटॉप, 02 मोबाइल फोन और 01 पासपोर्ट ।
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गिरफ्तारी का समय व स्थान: सुबह 08:15 बजे, थाना कार्यालय विमान तल, विमान नगर, पुणे ।
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi) 🏗️
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह कूटरचित दस्तावेजों (Forged Documents) के आधार पर बोगस फर्में पंजीकृत करता था ।
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फर्जी इनवॉइस: बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी सेल्स इनवॉइस काटना और ई-वे बिल जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना ।
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इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का खेल: वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट बेचकर करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति पहुँचाना ।
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सर्कुलर ट्रेडिंग: गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कई बोगस फर्में बनाकर सर्कुलर ट्रेडिंग के माध्यम से बैंक ट्रांजेक्शन को वास्तविक रूप देना ।
लखनऊ की बोगस फर्मों का खुलासा 🔍
गिरोह के सदस्य ‘रईस’ द्वारा लखनऊ के इंदिरा नगर के पते पर कई बोगस फर्में जाली प्रपत्रों के जरिए पंजीकृत कराई गई थीं:
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अराध्या इण्टरप्राइजेज
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SM TRADERS
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RATHOD ENTERPRISES
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GAUD TRADING
कानूनी कार्रवाई 🚔
यह गिरफ्तारी थाना इंदिरा नगर, लखनऊ में पंजीकृत मु0अ0सं0-190/25 के तहत की गई है । अभियुक्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4), 336(3), 340(2), 338 और 61(2) के तहत मामला दर्ज है । एसटीएफ की टीम अब गिरफ्तार अभियुक्त को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर संबंधित न्यायालय में पेश करेगी । मामले से जुड़े अन्य वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है ।
मुख्य जानकारी:
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कुल घोटाला: 100 करोड़ रुपये से अधिक ।
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प्रमुख राज्य: गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बैंगलोर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश ।
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तकनीकी साक्ष्य: अभियुक्त के मोबाइल में 15 से अधिक ईमेल आईडी लॉगिन थीं, जिनका उपयोग ओटीपी प्राप्त करने और रिटर्न फाइलिंग के लिए किया जाता था
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

