लाल किले की लव-कुश रामलीला में गणेश पूजन के साथ भव्य आगाज: सनातन संस्कृति और प्रभु श्रीराम के आदर्शों का हुआ आह्वान
“सनातन परंपरा और लोककल्याण का महापर्व: लाल किले की लव-कुश रामलीला में उमड़ी भीड़, श्रीगणेश पूजन के साथ भव्य शुरुआत”
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किला मैदान पर अपनी भव्यता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए विश्वप्रसिद्ध ‘लव-कुश रामलीला कमेटी’ द्वारा आयोजित गणेश पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर भव्य पूजा-अर्चना के साथ लीला के आगामी कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ हुआ।
गणेश पूजन समारोह में सम्मिलित होकर सनातन संस्कृति के जयकारों के बीच विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश का आशीर्वाद लिया गया।
1. सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम प्रतीक
दिल्ली की लव-कुश रामलीला केवल एक धार्मिक मंचन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का एक जीवंत दस्तावेज है:
-
प्रभु श्रीराम के आदर्श: रामलीला के मंच के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और वचनबद्धता के शाश्वत संदेश जन-जन तक पहुंचाए जाते हैं।
-
संस्कृति और आस्था के आधार: प्रभु श्रीराम भारतीय जनमानस की आस्था और जीवन मूल्यों के मूल आधार हैं। उनकी गाथा हर पीढ़ी को सत्य, धर्म और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
-
युवाओं को जड़ों से जोड़ना: ऐसी भव्य सांस्कृतिक परंपराएं आज की आधुनिक पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का एक पुनीत कार्य करती हैं।
2. भव्य आयोजन और आयोजकों की तैयारियां
लाल किला परिसर में सजने वाले इस ऐतिहासिक रामलीला मंचन को देखने के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों दर्शक पहुंचते हैं। इस बार भी गणेश पूजन के साथ सुरक्षा, पंडाल की सजावट, प्रकाश व्यवस्था और दर्शकों के बैठने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
भगवान श्रीगणेश के आशीर्वाद से यह पूरा आयोजन निर्विघ्न संपन्न हो और प्रभु श्रीराम की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे, इसी मंगलकामना के साथ इस वर्ष की रामलीला का आगाज हुआ है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ देश की सांस्कृतिक विरासत, पर्वों और ऐतिहासिक आयोजनों से जुड़ी हर प्रमुख खबर निष्पक्षता से अपने पाठकों तक पहुंचाती रहेगी।
