गांधी जयंती: राजघाट पर पूज्य बापू को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित
“राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती: राजघाट पर ‘पूज्य बापू’ को विनम्र श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों को याद कर देश ने किया नमन”
नई दिल्ली: गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के पावन और ऐतिहासिक अवसर पर आज संपूर्ण राष्ट्र अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को कृतज्ञता और श्रद्धा के साथ याद कर रहा है। राजधानी नई दिल्ली स्थित उनके समाधि स्थल ‘राजघाट’ पर पूज्य बापू को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देश के शीर्ष नेतृत्व, गणमान्य नागरिकों और सर्वधर्म प्रार्थना सभा में आए लोगों ने बापू की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अमर विचारों, सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
महात्मा गांधी के विचार और उनके द्वारा दिखाए गए अहिंसा व सत्याग्रह के रास्ते आज भी न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व को शांति, समानता और मानवीय मूल्यों की दिशा दिखा रहे हैं।
राजघाट पर सर्वधर्म प्रार्थना और श्रद्धांजलि सभा
राजघाट पर आयोजित मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आध्यात्मिक शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश गूंज उठा:
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पुष्पांजलि एवं नमन: देश के गणमान्य नेताओं और जनसामान्य ने बापू की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
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सर्वधर्म प्रार्थना सभा: राजघाट पर पारंपरिक रूप से सर्वधर्म प्रार्थना (All-Religion Prayer) का आयोजन किया गया, जिसमें बापू के प्रिय भजनों “रघुपति राघव राजा राम” और “वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ित पराई जाने रे” का गायन हुआ।
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स्वच्छता और आत्मनिर्भरता का संकल्प: बापू के जीवन मूल्यों—विशेषकर ‘स्वच्छता’, ‘ग्राम स्वराज्य’ और ‘आत्मनिर्भरता’ को साकार करने के लिए देश भर में विशेष अभियानों और सेवा कार्यों की शुरुआत की गई।
विश्व पटल पर बापू के विचारों की प्रासंगिकता
आज का दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ (International Day of Non-Violence) के रूप में भी मनाया जाता है। युद्ध, हिंसा और वैचारिक मतभेदों से जूझ रही समकालीन दुनिया में बापू का यह संदेश सबसे अधिक प्रासंगिक हो जाता है कि अहिंसा केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उनके अमर विचारों और सिद्धांतों को कोटि-कोटि नमन करती है।
