G.S. Oils स्कैम: बैंकों को लौटी संपत्ति
बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी जीत: SBI और UCO बैंक को वापस मिलेंगी ₹63 करोड़ की संपत्तियां
हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक बड़ी सफलता हासिल की है। ED ने M/s G.S. Oils Limited के खिलाफ जांच के दौरान कुर्क (Attach) की गई लगभग ₹63.05 करोड़ की संपत्तियों को उनके असली हकदारों यानी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और UCO बैंक को वापस लौटाने (Restitution) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
सरकारी बैंकों को लगा था करोड़ों का चूना
यह मामला साल 2016 में तब शुरू हुआ था जब CBI ने बैंकों की शिकायतों पर FIR दर्ज की थी। जांच में पाया गया कि M/s G.S. Oils Ltd. और उसके प्रमोटरों ने धोखाधड़ी से लोन लिए थे, जो बाद में NPA हो गए। इससे:
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SBI को ₹274 करोड़ का नुकसान हुआ।
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UCO बैंक को ₹32.33 करोड़ का नुकसान हुआ।
लोन के पैसों की ‘राउंड ट्रिपिंग’ और शेल कंपनियों का खेल
ED की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक फंड को डायवर्ट करने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था:
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राउंड ट्रिपिंग: लोन की राशि को सहयोगी कंपनियों के खातों में घुमाया गया और बाद में जमीन खरीदने या कैश निकालने में इस्तेमाल किया गया।
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फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट (LCs): संबंधित शेल कंपनियों को सामान की फर्जी सप्लाई के नाम पर LCs जारी किए गए और पैसा वापस प्रमोटरों की जेब में पहुँचा दिया गया।
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दोबारा गिरवी रखना: खरीदी गई जमीनों को फिर से गिरवी रखकर और अधिक लोन लिए गए।
अदालत का ऐतिहासिक फैसला: पीड़ितों को लौटाई गई संपत्ति
ED ने SBI और UCO बैंक को सलाह दी थी कि वे PMLA कोर्ट में इन संपत्तियों की बहाली (Restitution) के लिए आवेदन करें। हैदराबाद की विशेष PMLA अदालत ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए संपत्तियों को लौटाने का आदेश दिया।
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SBI को मिले: ₹62.30 करोड़ की संपत्ति।
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UCO बैंक को मिले: ₹75 लाख की संपत्ति।
कहां स्थित हैं ये संपत्तियां? कुर्क की गई संपत्तियों में कृषि और औद्योगिक भूमि शामिल है, जो तेलंगाना के आदिलाबाद, आसिफाबाद और मंचेरियल जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के वणी में स्थित हैं।
ED की नई रणनीति: पीड़ितों का पैसा वापस दिलाना
यह कदम ED के उस मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत एजेंसी न केवल अपराधियों को पकड़ती है, बल्कि ‘अपराध की कमाई’ (Proceeds of Crime) को उनके सही मालिकों या प्रभावित बैंकों तक पहुँचाना भी सुनिश्चित करती है।
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