एलन मस्क ने भारतीयों को सराहा!
🚀 निखिल कामत पॉडकास्ट: एलन मस्क ने की भारतीय प्रतिभा की खुलकर तारीफ, बोले- ‘अमेरिका को बहुत फायदा हुआ’
सैन फ्रांसिस्को: टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने भारतीय स्टार्टअप जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर निखिल कामत (Nikhil Kamath) के चर्चित पॉडकास्ट ‘WTF is?’ में भारतीय प्रतिभा की जमकर सराहना की है। मस्क ने बेझिझक स्वीकार किया कि भारत से आए प्रतिभाशाली इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों ने अमेरिकी तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों को बनाने में ‘जबरदस्त’ भूमिका निभाई है।
“भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को मिला बड़ा लाभ”
एलन मस्क ने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका को यहां आए प्रतिभाशाली भारतीयों से बहुत ज्यादा लाभ हुआ है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों और नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका में करियर बनाना थोड़ा कठिन हो गया है।
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मस्क का बयान: “मेरा मतलब है, भारत की प्रतिभाओं से अमेरिका को बहुत बड़ा लाभ मिला है।”
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पृष्ठभूमि: मस्क की यह टिप्पणी भारतीय पेशेवरों के योगदान को ऐसे समय में स्वीकार करती है, जब H-1B वीजा जैसे कार्यक्रमों पर बहस तेज है।
निजी जुड़ाव: मस्क के बेटे के नाम में ‘शेखर’
पॉडकास्ट में मस्क ने एक बेहद निजी खुलासा भी किया, जिससे भारत के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव सामने आया।
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पार्टनर की विरासत: मस्क की पार्टनर शिवॉन जिलिस (Shivon Zilis) आधी भारतीय हैं।
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भारतीय नाम: मस्क और जिलिस के एक बेटे का मिडिल नेम ‘शेखर’ है। यह नाम उन्होंने भारतीय-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और नोबेल पुरस्कार विजेता सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर के सम्मान में रखा है।
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शिवॉन जिलिस: वह वर्तमान में मस्क की AI कंपनी न्यूरालिंक (Neuralink) में ऑपरेशन और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की डायरेक्टर हैं।
H-1B वीजा पर संतुलित राय
H-1B वीजा कार्यक्रम, जो भारतीय IT पेशेवरों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय है, पर भी मस्क की राय संतुलित थी।
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दुरुपयोग स्वीकार: उन्होंने माना कि कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने H-1B प्रोग्राम का दुरुपयोग किया है, और इसे रोकने की जरूरत है।
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बंद करने पर चेतावनी: हालांकि, उन्होंने इस कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने की वकालत करने वालों को चेताया। मस्क के अनुसार, H-1B वीजा को समाप्त करना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए ‘बहुत बुरा’ होगा, क्योंकि यह कुशल प्रतिभा को देश में आने से रोक देगा।
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डोनाल्ड ट्रंप का सुझाव: यह टिप्पणी तब महत्वपूर्ण है जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा आवेदनों की लागत को भारी मात्रा में बढ़ाने की बात कही थी।
क्या अप्रवासी छीनते हैं नौकरियां? मस्क का जवाब
अमेरिका में अक्सर यह धारणा रही है कि अप्रवासी स्थानीय लोगों की नौकरियां छीन लेते हैं। इस सवाल पर मस्क ने अपने व्यावसायिक अनुभव के आधार पर इस धारणा को खारिज कर दिया।
मस्क ने कहा: “मेरा प्रत्यक्ष अनुभव यह है कि प्रतिभाशाली लोगों की हमेशा कमी रहती है। हमें (मेरी कंपनियों में) मुश्किल कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त प्रतिभाशाली लोगों को खोजने में बहुत कठिनाई होती है।”
मस्क ने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनियों का लक्ष्य सस्ती मजदूरी नहीं, बल्कि दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को लाना है। उनके लिए, कुशल अप्रवासी नौकरियों को छीनते नहीं, बल्कि उन महत्वपूर्ण रिक्तियों को भरते हैं जहां स्थानीय प्रतिभा की कमी होती है।
भारतीय युवा उद्यमियों को ‘सक्सेस मंत्र’
भारत के युवा उद्यमियों को प्रेरित करते हुए एलन मस्क ने सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र दिया।
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योगदान पर फोकस: मस्क ने कहा कि पैसा कमाने के बजाय, समाज में योगदान देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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सफलता का सूत्र: उन्होंने कहा कि जो कोई भी ‘जितना लेता है, उससे ज्यादा योगदान देना चाहता है’, उसका मैं सम्मान करता हूँ। यदि आप उपयोगी उत्पाद बनाते हैं और सेवाएं देते हैं, तो वित्तीय सफलता और पैसा अपने आप परिणाम के रूप में आपके पास आएगा।
मेहनत और असफलता: मस्क ने असफलता के लिए तैयार रहने और लगातार कड़ी मेहनत करने की जरूरत पर भी बल दिया।
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