ED ने SBI वाहन ऋण घोटाले में 12 जगह छापे मारे
🚨 ED का बड़ा एक्शन: SBI वाहन ऋण घोटाला मामले में पुणे में 12 ठिकानों पर छापेमारी, बैंक मैनेजर और कार डीलर के परिसर सीज

पुणे/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पुणे में हुए वाहन ऋण घोटाले के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। 25-26 नवंबर 2025 को ED ने पुणे में ऋण लेने वालों, कार डीलरों और एसबीआई के तत्कालीन शाखा प्रबंधक के 12 आवासीय और कार्यालय परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया।
🏦 SBI मैनेजर ने किया आपराधिक षड्यंत्र
ED ने यह जांच सीबीआई, पुणे और शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन, पुणे द्वारा IPC और पीसी अधिनियम (PC Act) के तहत दर्ज FIRs के आधार पर शुरू की। जांच में सामने आया कि:
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पद का दुरुपयोग: अमर कुलकर्णी, जो 2017-2019 के दौरान SBI, यूनिवर्सिटी रोड ब्रांच, पुणे में मुख्य प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे, ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।
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साजिश: कुलकर्णी ने एसबीआई के ऑटो लोन काउंसलर आदित्य सेठिया और कुछ ऋण लेने वालों के साथ मिलकर उच्च-मूल्य के कार ऋणों को धोखाधड़ी से संसाधित (Processed) और अनुशंसित (Recommended) करके SBI को धोखा दिया।
🚗 जाली दस्तावेज़ और महंगी कारों की खरीद
ED की जांच में घोटाले के तरीके का खुलासा हुआ:
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फर्जी लोन: आरोपी ऋण लेने वालों ने जाली दस्तावेज़ों के आधार पर धोखाधड़ी से उच्च-मूल्य के वाहन ऋण प्राप्त किए।
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बैंक नीति का उल्लंघन: अमर कुलकर्णी ने बैंक की ऋण देने की नीति का उल्लंघन करते हुए, जाली/फर्जी दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना, उच्च-मूल्य के कार ऋण प्रस्तावों को गलत और बेईमानी से संसाधित और अनुशंसित किया।
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मार्जिन मनी का हेरफेर: कई ऋण मामलों में, फर्जी कोटेशन और बढ़ी हुई रकम बैंक को जमा की गई ताकि ऋण में शामिल मार्जिन मनी को बढ़ाया जा सके, और ऋणों को झूठे दस्तावेज़ों का उपयोग करके स्वीकृत कराया गया।
💎 BMW, मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियां जब्त
तलाशी कार्यवाही के दौरान, ED ने पाया कि ऋण लेने वालों ने ऋण एजेंट और एसबीआई के शाखा प्रबंधक के साथ आपराधिक साजिश करके BMW, वोल्वो, मर्सिडीज, लैंड रोवर जैसी कई उच्च-मूल्य की कारें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदी थीं।
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जब्ती: तलाशी के दौरान PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत विभिन्न उच्च-स्तरीय कारें उनके परिसरों से जब्त की गईं।
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साक्ष्य: ऋण लेने वालों द्वारा खरीदी गई कई अचल संपत्तियों की पहचान की गई और आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी जब्त किए गए।
मामले में आगे की जांच जारी है।
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