मुंह का छाला न नकारें: कैंसर खतरा
मुंह के अल्सर को न करें नजरअंदाज, बच सकती है जिंदगी: हेड एंड नेक कैंसर पर विशेषज्ञ डॉ. अमित चक्रवर्ती की बड़ी चेतावनी
विशेष स्वास्थ्य एवं मेडिकल ब्यूरो: मुंबई
रिपोर्ट: अनिल बेदाग
भारत में हेड एंड नेक कैंसर (Head & Neck Cancer) के लगातार बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। विश्व हेड एंड नेक कैंसर दिवस के अवसर पर एसएसओ हॉस्पिटल (SSO Hospital) के प्रसिद्ध हेड एंड नेक कैंसर सर्जन डॉ. अमित चक्रवर्ती ने बताया कि कैंसर का इलाज करा चुके मरीजों में इसके दोबारा लौटने की आशंका काफी अधिक बनी रहती है। इसलिए इलाज के बाद भी नियमित फॉलो-अप और सतर्कता बेहद जरूरी है।
40 प्रतिशत मरीजों में दोबारा लौट सकता है कैंसर
डॉ. अमित चक्रवर्ती ने इलाज करा चुके मरीजों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
“हेड एंड नेक कैंसर का सफल इलाज करा चुके हर 100 मरीजों में से लगभग 20 से 40 मरीजों (20-40%) में कैंसर के दोबारा पनपने की आशंका बनी रहती है। हालांकि, यदि नियमित जांच और सही समय पर इसकी पहचान कर ली जाए, तो दोबारा लौटने पर भी इसका सफल और प्रभावी इलाज पूरी तरह संभव है।”
5 से 10 दिन से ज्यादा रहे मुंह का छाला तो तुरंत कराएं जांच
विशेषज्ञों के अनुसार, मुंह में लगातार रहने वाला अल्सर (छाला) या कोई अन्य बदलाव कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है:
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लक्षण: यदि मुंह में अल्सर, सफेद या लाल दाग, या कोई भी असामान्य गांठ 5 से 10 दिनों से ज्यादा समय तक ठीक न हो, तो बिना देरी किए कैंसर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
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प्रमुख कारण: तंबाकू, गुटखा, सुपारी का सेवन, धूम्रपान, अत्यधिक शराब और एचपीवी (HPV) संक्रमण हेड एंड नेक कैंसर के मुख्य कारक हैं।
सर्वाइवर्स ने साझा किए अपने अनुभव
43 वर्षीय मिहिर जोबनपुत्रा और 70 वर्षीय दिनकर आढाव ने कैंसर से जंग जीतने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआती स्टेज में सही जांच और समय पर हुई सर्जरी के कारण आज वे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। दोनों ने आम जनता से तंबाकू-धूम्रपान छोड़ने और शुरुआती लक्षणों को कतई नजरअंदाज न करने की अपील की।
SSO हॉस्पिटल शुरू करेगा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
कैंसर मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एसएसओ हॉस्पिटल जल्द ही ‘हेड एंड नेक कैंसर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ शुरू करने जा रहा है। इस सेंटर में स्क्रीनिंग, जटिल सर्जरी, रिकंस्ट्रक्टिव उपचार, रेडिएशन, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और फॉलो-अप जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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