DM का सख्त आदेश! बुजुर्ग की बेबसी वाले वायरल वीडियो पर गठित हुई जांच कमेटी, दोषियों की खैर नहीं
बरेली: जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार; ठेले पर मरीज, डीएम ने दिए जांच के आदेश
बरेली: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य दावों की पोल खोलती एक विचलित करने वाली तस्वीर बरेली जिला अस्पताल से सामने आई है। यहाँ एक बेबस बुजुर्ग को अपनी बीमार पत्नी के लिए जब अस्पताल में स्ट्रेचर या एम्बुलेंस नहीं मिली, तो वह उसे ठेले (रिक्शा ट्रॉली) पर लादकर घर ले जाने को मजबूर हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
“इलाज नहीं मिलना तो घर पर ही मर जाएं”
वायरल वीडियो में बुजुर्ग का दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई डॉक्टर या कर्मचारी सुध लेने नहीं आया, तो बुजुर्ग ने रोते हुए कहा, “अगर इलाज नहीं मिलना है तो घर पर ही मर जाएं।” वह अपनी पत्नी को उसी हालत में ठेले पर लेकर अस्पताल से बाहर निकल गया। यह घटना आयुष्मान भारत और मुफ्त इलाज जैसी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
डीएम की सख्त कार्रवाई: 3 सदस्यीय कमेटी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए हैं:
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जांच कमेटी: एडीएम सिटी, एडीएम एफआर और सीएमओ (CMO) को मिलाकर एक 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है।
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समय सीमा: कमेटी को 3 दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
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डॉक्टर को नोटिस: मरीज को बिना पर्याप्त सुविधा के रेफर करने वाले संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विपक्ष ने घेरा, सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
वीडियो वायरल होते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस वीडियो को साझा करते हुए सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर तीखे हमले किए हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है।
डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में संवेदनहीनता और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
रोहिताश कुमार
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)
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